लखनऊ, 4 जुलाई (वार्ता) उत्तर प्रदेश में आगामी दो दिनों तक मानसूनी गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी उड़ीसा तट के पास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मौसमी द्रोणी अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसक गई है। प्रदेश में फिलहाल कोई अन्य सक्रिय मौसम तंत्र मौजूद नहीं है, जिसके कारण मानसून कमजोर रहने के आसार हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक मानसूनी गतिविधियां मुख्य रूप से प्रदेश के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों के कुछ जिलों तक सीमित रह सकती हैं। वहीं पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में सामान्य से अधिक आर्द्रता और तापमान के कारण हीट इंडेक्स (आभासी तापमान) बढ़ने से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने बताया कि इसके बाद प्रदेश में मानसूनी सक्रियता फिर बढ़ने की संभावना है, जिससे वर्षा की गतिविधियों में पुनः तेजी आने के आसार हैं।
राजधानी लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों के लिए आंशिक रूप से बादल छाए रहने तथा गरज-चमक के साथ बादल विकसित होने की संभावना जताई गई है। अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर गर्म और उमस भरी परिस्थितियों को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।
