अज़हर खान
जबलपुर: लव, लाइफ और लिव-इन का सपना देखने वाली युवतियों के लिए यह नया ट्रेंड जी का जंजाल बनता जा रहा है। मॉडर्न लाइफस्टाइल की आड़ में फरेब का गंदा खेल खेला जा रहा है। जिसे शिद्दत से चाहा, जिसके लिए समाज की दीवारें लांघीं और जिसके साथ एक ही छत के नीचे बिना फेरों के घर बसाया वही शख्स आखिर में धोखेबाज या जल्लाद निकल रहा है। दरअसल आजकल युवाओं के सिर चढक़र बोल रहा लिव-इन का खुमार, युवतियों के लिए एक खौफनाक दु:स्वप्न बनता जा रहा है। प्यार का झांसा देकर उनकी जिंदगियां उजाड़ी जा रही है।
डेढ़ साल में दर्ज आंकड़े गवाही दे रहे है कि लिव-इन रिलेशन में 41 ने बिना फेरों घर बसाया और पीडि़ताएं बन गई। पार्टनर प्रताडऩा, धोखे और वेवफाई पर उतर आए। कसम-वादें सब छलावा निकले। किसी का पार्टनर धोखेबाज तो कोई जल्लाद निकला। इतना ही नहीं किसी ने हवस मिटाने तक साथ रखा तो किसी ने शादी की बात आई तो मारपीट, ब्लैकमेलिंग और फिर रातों-रात छोडक़र रफूचक्कर हो गया ।
प्रशासक, वन स्टॉप सेंटर कार्यालय जबलपुर में एक जवरी 2025 से 30 जून 2026 तक दर्ज 41 मामले चीख-चीख कर गवाही दे रहे हैं कि लिव-इन रिलेशनशिप नए दौर में वफादारी पूरी तरह गायब है और इसकी जगह क्रूर प्रताडऩा ने ले ली है, भले ही रिश्तों को टूटने से बचाने वन स्टॉप सेंटर मेें काउंसलिंग की जा रही हो, रिश्तों में सुलह कराने प्रयास किए जा रहे है लेकिन आंकड़े बेहद चिंताजनक और चौंकाने वाले है। साथ ही लिव-इन रिलेशन में रह रही युवतियों, महिलाओं पर किए जा रहे जुल्म को बयां कर रहे है।
लिव-इन के मामलों में कानूनी कार्रवाई करना भी काफी चुनौतीपूर्ण होता है। शुरुआत में दोनों अपनी मर्जी से साथ रहते हैं, जिससे शुरुआती स्तर पर पुलिस सीधे दखल नहीं दे पाती। लेकिन जब बात हद से पार हो जाती है और प्रताडऩा के साथ-साथ दुष्कर्म ब्लैकमेलिंग होती है तब कई पीडि़ताएं थानों के चक्कर काटती हैं जिसके बाद शिकायत मिलने पर कायमी होती है। तब तक युवती का भरोसा और मानसिक शांति पूरी तरह टूट चुकी होती है। कई तो पीडि़ताएं सामाजिक लोक-लाज के डर से प्रताडऩा, धोखा सहती रहती हैं जो कभी उजागर नहीं हो पाते हैं।
मन भर जाने पर रंग बदल रहे पार्टनर, विरोध पर प्रताडऩा, ब्लैकमेलिंग
लिव इन रिलेशन के मामलों की कुंडली खंगालने पर जो खौफनाक सच सामने आया है, वह किसी भी संवेदनशील इंसान की रूह कंपा दे । शुरुआत बड़े-बड़े वादों और रोमांटिक लाइफ से होती है, जो सिर्फ शारीरिक शोषण का एक जरिया मात्र है। युवतियों को लगातार शादी का झांसा देकर शांत रखा जाता है और उनका आर्थिक व मानसिक शोषण किया जाता है। इतना ही नहीं मन भर जाने पर पार्टनर का रंग बदल जाता है। विरोध करने पर मारपीट, ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू होता है। धमकी और बेरहमी से मारपीट आम बात हो जाती है। जब पानी सिर से ऊपर चला जाता है, तो आशिक अपनी लिव-इन पार्टनर को रोता-बिलखता छोड़ रातों-रात लापता हो जाता है।
भरोसे-मर्जी का रिश्ता ऐसे बना रहा जी का जंजाल
जिस पार्टनर के साथ जिंदगी बिताने के वादे किए गए, वही बाद में दर्द और प्रताडऩा का सबब बन रहा है। करियर और आजादी के नाम पर युवक-युवती एक छत के नीचे रहना शुरू करते हैं। युवक लगातार युवती को भरोसा देता है कि वे जल्द ही शादी के बंधन में बंधेंगे। कुछ महीने बीतते ही पार्टनर का व्यवहार बदलने लगता है। छोटी-छोटी बातों पर रोक-टोक और मारपीट शुरू हो जाती है। जब युवती शादी का दबाव बनाती है, तो युवक या तो मुकर जाता है।
