काराकास,03 जुलाई (वार्ता) वेनेजुएला में आए दोहरे भूकंप के बाद ढही इमारत के मलबे में आठ दिन तक फंसे रहने के बाद एक व्यक्ति को जीवित बचा लिया गया है।
बीबीसी के एक रिपोर्ट के अनुसार, आपातकालीन कर्मियों ने 140 टन मलबे के नीचे दबे हर्नान गिल को खोजने के 100 घंटे से अधिक समय बाद उन्हें बाहर निकाला।
एक चिली के दमकलकर्मी ने पहले बचाव अभियान को “निस्संदेह अब तक का सबसे जटिल और तकनीकी रूप से कठिन अभियान” बताया था।
गुरुवार शाम तक, 24 जून को वेनेजुएला में आए भूकंपों में 2,595 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और हजारों लोग अभी भी लापता हैं।
हर्नान गिल ऑक्सीजन मास्क, गले में कॉलर और नारंगी कंबल में लिपटे हुए स्ट्रेचर पर लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं। बचाव दल ने गिल को बचाने के लिए 100 घंटे से अधिक समय तक धीरे-धीरे प्रयास किया।
कोस्टा रिका रेड क्रॉस के पैरामेडिक एलन मैड्रिगल ने घटनास्थल पर मौजूद पत्रकारों को बताया कि गिल इस भयानक स्थिति से “बिल्कुल ठीक” निकले। मैड्रिगल वही बचावकर्मी हैं जिन्होंने रविवार को मलबे से गिल की मदद के लिए धीमी आवाज सुनी थी।
उन्होंने याद करते हुए कहा, “यह एक भावुक क्षण था।” उन्होंने बताया कि पहले तो उन्हें अपने कानों पर विश्वास नहीं हुआ और उन्होंने एक सहकर्मी से पुष्टि करने के लिए कहा कि कहीं वह “कल्पना तो नहीं कर रहे हैं”। उस क्षण से ही बचाव दल सुरक्षा गार्ड को मलबे से बाहर निकालने के लिए तेजी से जुट गए।
जब दो बार भूकंप आया, तो गिल कैटिया ला मार में गैलेरियास प्लाया ग्रांडे मॉल के पास पार्किंग लॉट के बेसमेंट में बने एक छोटे से कंक्रीट बूथ में ड्यूटी पर थे।
ऐसा लगता है कि उस बूथ ने उनके चारों ओर एक सुरक्षा कवच बना लिया था, जिससे वे 140 टन मलबे से बच गए जो उनके आस-पास और ऊपर गिरा था।
कोस्टा रिका रेड क्रॉस के एक और वर्कर ने गिल को मलबे से बाहर निकालने से कुछ देर पहले कहा, “उन्होंने हमें बताया है कि उनके शरीर पर खरोंच तक नहीं आई है।”
जब वेनेजुएला, चिली, कोस्टा रिका, अल साल्वाडोर, मैक्सिको, पुर्तगाल और अमेरिका की टीमें उन्हें बाहर निकालने की कोशिश कर रही थीं, तब गिल को पानी दिया गया और मेडिकल टीम ने उन्हें आईवी ड्रिप लगाई।
बचाव दल ने उन तक पहुँचने के लिए जो रास्ते बनाए थे, वे कई बार ढह गए। इससे पता चलता है कि यह काम बचाव दल और गिल, दोनों के लिए कितना खतरनाक था।
रात भर चली कोशिशों के बाद, तलाशी दल आखिरकार उस व्यक्ति को देख पाई जो मलबे में फंसा हुआ था।
जिस मलबे में गिल फंसे थे, वहां एक छोटा कैमरा डालकर रिकॉर्ड किए गए फुटेज में चिली के एक दमकल कर्मी को उनसे अपना सिर कैमरे की तरफ घुमाने के लिए कहते हुए सुना जा सकता है।
अन्तर्राष्ट्रीय बचाव दल मलबे में फंसे व्यक्ति पर नज़र रखे हुए थी। उसकी एक आँख लाल हो गई थी और उसने चेहरे पर मास्क पहना हुआ था, जो बचाव दल ने उसे धूल और मलबे से बचाने के लिए एक छोटे से छेद से अंदर भेजा था; यह मलबा उन्हें बाहर निकालने की कोशिशों के दौरान उड़ रहा था।
दमलकर्मियों ने उसे अपनी आँखों की सुरक्षा के लिए गॉगल्स पहनने को भी कहा, जबकि बचाव दल सावधानी से उसके आस-पास का मलबा हटाती रही।
मेक्सिकन रेड क्रॉस के मार्को एंटोनियो फ्रेंको ने गिल को “खुशमिजाज व्यक्ति” बताया।
उन्होंने मेक्सिकन न्यूज़ साइट ‘मिलेनियो’ को बताया कि बचे हुए व्यक्ति ने “अपनी पसंद के खास फ्लेवर वाले हाइड्रेशन ड्रिंक्स भी मांगे”, और कहा कि “बेशक, हमने उसकी यह इच्छा पूरी की”।
“वह खुद हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं और कहते हैं कि काम जारी रखें। वह हमारी टीम के सदस्यों को पहचानते हैं और कहते हैं, ‘कितनी अच्छी बात है कि आप वापस आए और फिर से मेरे साथ हैं’।”
फ्रेंको के अनुसार, बचाव दल और गिल लगातार उसके परिवार और चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान के बारे में बातचीत करते रहे। गिल को ढूंढने वाले पैरामेडिक मैड्रिगल का यह पहला अंतरराष्ट्रीय बचाव अभियान था और उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में किए गए काम ने उन्हें बदल दिया है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, “एक हफ्ते पहले जो लड़का यहां आया था, वह कोस्टा रिका लौटने पर वैसा नहीं रहेगा, यकीन मानिए।”
