अब उज्जैन के त्रिनेत्र से दुनिया देखेगा भारत

उज्जैन: महाकाल की नगरी उज्जैन को राष्ट्रीय गौरव प्राप्त हुआ है. जिला कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने जयपुर में पुरस्कार प्राप्त किया. इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि भारत सरकार की डिजिटल इंडिया संस्था ने संकेत दिए हैं कि उज्जैन की त्रिनेत्र परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करेंगे. इसके बाद उज्जैन में विकसित कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित यह स्वदेशी निगरानी प्रणाली देश विदेश के अन्य शहरों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था का आधार बनेगी. कुल मिलाकर उज्जैन के त्रिनेत्र से भारतीय अब दुनिया देखेंगे.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और परिकल्पना को साकार करने की दिशा में कार्य कर रहा उज्जैन जिला प्रशासन एक और राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल करने में सफल रहा है. जयपुर में आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में महाकालेश्वर मंदिर में संचालित ‘त्रिनेत्र’ एकीकृत निगरानी प्रणाली को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार-2026 के अंतर्गत स्वर्ण सम्मान प्रदान किया गया. उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह ने जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए यह सम्मान ग्रहण किया. साथ में महाकाल मंदिर प्रसाद प्रथम कौशिक भी थे.

पुरस्कार संबल देते हैं
सम्मान प्राप्त करने के बाद कलेक्टर रोशन सिंह ने कहा कि ऐसे पुरस्कार केवल सम्मान नहीं होते, बल्कि वे आगे और बेहतर कार्य करने का संबल देते हैं तथा कार्य करने की दुगनी शक्ति प्रदान करते हैं. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उज्जैन जिला प्रशासन, महाकाल मंदिर प्रबंधन और सभी संबंधित विभागों के अथक परिश्रम, निरंतर सक्रियता और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है. यह सम्मान आने वाले समय में और अधिक बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देगा तथा विकास की यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा.

रंग लाया त्रिनेत्र
जयपुर के राजस्थान अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर के राज्यों और जिला प्रशासनों द्वारा प्रशासनिक नवाचारों का प्रदर्शन किया गया. इस दौरान कलेक्टर रोशन सिंह ने उज्जैन की त्रिनेत्र परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया, जिसकी विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने सराहना की. समापन समारोह में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह एवं राजस्थान के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कलेक्टर रोशन सिंह को स्वर्ण सम्मान प्रदान किया.

उज्जैन को लगे विकास के पंख
कलेक्टर रोशन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदर्शी सोच और मार्गदर्शन में उज्जैन तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है. सिंहस्थ महाकुंभ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में लगभग 30 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य संचालित हैं. सड़क, पेयजल, यातायात, धार्मिक, सांस्कृतिक और आधारभूत संरचना सहित अनेक क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास हो रहा है, जिससे उज्जैन का स्वरूप तेजी से बदल रहा है.

पुरस्कारों की लंबी फेहरिस्त रहेगी
कलेक्टर रोशन सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मान उज्जैन के लिए नई शुरुआत है और आने वाले समय में विकास, सुशासन और नवाचार के क्षेत्र में उज्जैन को अनेक राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त होंगे. उन्होंने कहा कि महाकुंभ-2028 के पूर्व उज्जैन देश और दुनिया के सामने एक विकसित, आधुनिक और सांस्कृतिक नगरी के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा. इस दौरान पलाश शर्मा, सचिन जैन एवं आईटी टीम उपस्थित रही.

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