ईरान ने बहरीन की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी ‘बापको’ पर मिसाइल हमले का दावा किया है। इस हमले से प्लांट में भीषण आग लग गई, जिससे खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा संकट गहरा गया है।
ईरान के सरकारी समाचार चैनल प्रेस टीवी ने रविवार को एक गंभीर दावा किया कि ईरानी सेना ने बहरीन के सबसे बड़े तेल रिफाइनरी प्लांट बापको पर मिसाइल हमला किया और इसे गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, हमले के तुरंत बाद रिफाइनरी में भीषण आग भड़क उठी, जिससे प्लांट का संचालन ठप हो गया।
बापको रिफाइनरी बहरीन की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, और इस हमले के परिणामस्वरूप तेल उत्पादन और निर्यात पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
बहरीन ने नहीं की हमला की पुष्टि
प्रेस टीवी ने दावा किया कि ईरानी हमले का उद्देश्य बहरीन में तेल आपूर्ति और उत्पादन को बाधित करना था। हालांकि, बहरीन सरकार और स्थानीय अधिकारियों ने अभी तक इस हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटनास्थल पर सुरक्षा बलों और फायर ब्रिगेड की टीमें तैनात कर दी गई हैं, और आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकता है। इस प्रकार की घटनाओं से न केवल स्थानीय ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होती है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी अस्थिरता आ सकती है। इस घटना ने खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
ईरानी हमले के बाद कुवैत में दो पावर प्लांट बंद
कुवैत के बिजली, पानी और रिन्यूएबल एनर्जी मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि दो पावर और वाटर डीसैलिनेशन प्लांट पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद दो पावर जेनरेशन यूनिट बंद हो गई हैं। मंत्रालय ने यह भी बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
प्रवक्ता फातिमा अब्बास जौहर हयात ने पुष्टि की कि तकनीकी और इमरजेंसी टीमों ने मंज़ूर इमरजेंसी प्लान के तहत संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर तुरंत काम शुरू कर दिया है, ताकि बिजली और पानी की आपूर्ति की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि सभी तकनीकी टीमें 24 घंटे काम कर रही हैं ताकि सेवाओं का निरंतर संचालन जारी रह सके। ईरान के इन हमलों से खाड़ी देश भारी संकट का सामना कर रहे हैं।
