
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने राम मंदिर निर्माण के लिए देश-विदेश के श्रद्धालुओं से एकत्र किए गए चंदे में कथित वित्तीय अनियमितताओं और गबन के गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की सेना की निगरानी में जांच कराने की मांग की है। पार्टी ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की भी मांग उठाई है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा और प्रदेश कांग्रेस सचिव एवं अभिनेता विक्रम मस्ताल ने आरोप लगाया कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा राम मंदिर ट्रस्ट अपनी विश्वसनीयता खो चुका है, इसलिए उसे तत्काल भंग किया जाना चाहिए।
विक्रम मस्ताल ने कहा कि निष्पक्ष जांच केवल सेना की निगरानी में ही संभव है। उन्होंने वर्ष 2019 से 2025 के बीच अयोध्या और आसपास हुई भूमि खरीद-फरोख्त की व्यापक जांच कराने की मांग करते हुए सवाल उठाया कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत वरिष्ठ पदाधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
वहीं पी.सी. शर्मा ने आरोप लगाया कि कथित अनियमितताओं से पहले मंदिर परिसर में लगे कैमरे हटाए गए, जो बड़ी साजिश की ओर संकेत करता है। उन्होंने चंपत राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि मौजूदा एसआईटी जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।
कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार से पूरे मामले की पारदर्शी जांच सुनिश्चित कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बहाल हो सके।
