वाशिंगटन | कतर की राजधानी दोहा में होने वाली कूटनीतिक वार्ता से पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न करने पर सहमत हो गया है। व्हाइट हाउस में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का मुख्य लक्ष्य ईरान का पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण है। हालांकि, राष्ट्रपति ने इस कथित सहमति की विस्तृत शर्तों या कानूनी रूपरेखा का खुलासा नहीं किया, लेकिन इसे मध्य पूर्व के संकट को टालने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।
सैन्य दबाव और कूटनीतिक सफलता
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस सफलता का श्रेय ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे पर की गई हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को दिया है। उनका मानना है कि सैन्य मोर्चे पर मिली बढ़त के कारण ही ईरान बातचीत की मेज पर आने को मजबूर हुआ है। इस कूटनीतिक प्रगति का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी देखने को मिला है, जहाँ कच्चे तेल की कीमतें घटकर 69 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गई हैं। यह घोषणा दर्शाती है कि अमेरिका दबाव और वार्ता के दोहरे रुख से अपनी विदेश नीति को आगे बढ़ा रहा है।
घरेलू सुधारों के बीच अंतरराष्ट्रीय घोषणा
दिलचस्प रूप से, यह महत्वपूर्ण सुरक्षा घोषणा एक घरेलू नीति कार्यक्रम के दौरान की गई। राष्ट्रपति ट्रंप उस समय ‘फ्रीडम टू फिक्स’ अभियान से संबंधित एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर रहे थे, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को अपने वाहनों की मरम्मत का कानूनी अधिकार देना और ऑटोमोबाइल पार्ट्स के प्रमाणीकरण में एकाधिकार को खत्म करना है। पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) के प्रशासक ली जेल्डिन ने इस नीति को ऑटोमोबाइल क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने वाला एक बड़ा कदम बताया है।

