जबलपुर: प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी वंदना सोनी की अदालत ने चेक बाउंस का परिवाद सिद्ध न पाते हुए निरस्त कर दिया। इसी के साथ आरोपी जबलपुर निवासी ऋषभ केसरी को दोषमुक्त कर दिया है।आरोपी की ओर से दलील दी गई कि जबलपुर निवासी उमंग सचदेवा ने बिना किसी ठोस आधार के चेक बाउंस का परिवाद प्रस्तुत कर दिया।
यही वजह है कि परिवादी यह साबित करने में विफल रहा कि आरोपी ने विधिक दायित्व या ऋण उन्मोचन के लिए चेक प्रदान किए थे। कायदे से यह बिंदु साबित किए बिना चेक बाउंस का प्रकरण स्थापित नहीं होता। अदालत ने तर्क से सहमत होकर परिवाद निरस्त कर दिया। परिवादी का आरोप था कि उसने आरोपी को पूर्व में जो राशि दी थी, उसके एवज में दिए गए चेक बैंक में जमा करने पर हस्ताक्षर मिलान न होने व खाते में पर्याप्त राशि न होने के आधार पर बाउंस हो गए थे।
