पहली बारिश में खुली अमृत योजना की पोल, गांधीनगर की सड़कें बनीं मुसीबत

मंदसौर। शहर के वार्ड क्रमांक 39 स्थित गांधीनगर क्षेत्र में अमृत योजना के तहत चल रहे सीवरेज निर्माण कार्य की स्थिति पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है। रविवार को हुई बारिश के बाद क्षेत्र की कई सड़कें जलभराव और कीचड़ से भर गईं, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं और गड्ढे नजर नहीं आने से दुर्घटनाओं की स्थिति भी बनी।

इस संबंध में जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष सुनील बसेर ने प्रशासन एवं निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि करीब छह माह पूर्व अमृत योजना के अंतर्गत गांधीनगर में सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया गया था। उस समय दावा किया गया था कि क्षेत्र का कार्य दो माह में पूरा कर लिया जाएगा तथा दो वर्षों में पूरे शहर को योजना का लाभ मिलेगा, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी कार्य अधूरा पड़ा है।

बसेर का आरोप है कि सीवरेज लाइन बिछाने के लिए सड़कों को कई स्थानों से खोद दिया गया, लेकिन इसके बाद न तो सड़कों की मरम्मत की गई और न ही पुनर्निर्माण कार्य शुरू किया गया। इससे क्षेत्रवासियों को रोजमर्रा के आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि रविवार को हुई पहली बारिश के बाद पूरे क्षेत्र में जलभराव और कीचड़ की स्थिति बन गई। सड़कें पानी में डूब जाने से गड्ढे दिखाई नहीं दिए, जिसके कारण उनके अनुसार करीब 20 से 25 वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए और कई लोगों को चोटें आईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारी जलभराव के कारण चार पहिया वाहनों का आवागमन भी प्रभावित हुआ।

जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि अधूरे निर्माण कार्य के कारण क्षेत्र के नागरिकों को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है और लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सीवरेज निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराया जाए तथा खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।

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