तिरुवनंतपुरम, 29 जून (वार्ता) केरल में रविवार को राज्यव्यापी पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के तहत बड़ी संख्या में बच्चों को टीका लगाया गया। राज्य भर के टीकाकरण केंद्रों पर 5 साल से कम उम्र के 17.53 लाख बच्चों को पोलियो की ओरल वैक्सीन (मुंह से दी जाने वाली दवा) दी गई।
अभियान की प्रगति की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बताया कि पहले ही दिन अभियान के तहत लक्ष्य के 88.53 प्रतिशत बच्चों को टीका लगाया जा चुका है।
स्वास्थ्य विभाग ने पल्स पोलियो अभियान के दौरान 5 साल से कम उम्र के 19.8 लाख बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा था। हालांकि टीकाकरण केंद्रों पर लोगों की अच्छी-खासी संख्या देखी गई, लेकिन अब यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास तेज किए जा रहे हैं कि हर पात्र बच्चे को टीका लग जाए।
स्वास्थ्य कार्यकर्ता और स्वयंसेवक सोमवार और मंगलवार को पूरे राज्य में घर-घर जाकर पोलियो वैक्सीन पिलाने का अभियान चलाएंगे। वे उन सभी घरों में जाएंगे और उन बच्चों को ओरल पोलियो वैक्सीन की बूंदें पिलाएंगे जो रविवार को बूथ पर हुए टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए थे।
मंत्री ने ज़ोर दिया कि पाँच साल से कम उम्र के हर बच्चे को ओरल पोलियो वैक्सीन मिलनी चाहिए, क्योंकि पोलियोमाइलाइटिस से बच्चों को बचाने और केरल के पोलियो-मुक्त दर्जे को बनाए रखने के लिए टीकाकरण का दायरा ज़्यादा रखना ज़रूरी है।
माता-पिता और अभिभावकों से इस अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग करने का आग्रह करते हुए, मंत्री ने उन परिवारों से अपील की जिनके बच्चे रविवार का टीकाकरण नहीं करवा पाए थे, कि वे अगले दो दिनों में घर-घर जाने वाली हेल्थ टीमों का सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि टीकाकरण का दायरा पूरा करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से न छूटे, इस फॉलो-अप अभियान की सफलता बहुत ज़रूरी होगी।
पल्स पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य रणनीति का एक अहम हिस्सा है। इसका मकसद पोलियो को दोबारा फैलने से रोकना और पाँच साल से कम उम्र के सभी बच्चों का टीकाकरण करके कम्युनिटी इम्युनिटी को मज़बूत करना है।
