
सोयतकला, 28 जून. क्षेत्र में खरीफ सीजन की बुआई ने रफ्तार पकड़ ली है. डोंगरगांव और सालियाखेड़ी सहित आसपास के गांवों में किसान ट्रैक्टरों की मदद से दिन-रात खेतों में बुआई करने में जुटे हुए हैं. डोंगरगांव और सालियाखेड़ी में करीब 80 प्रतिशत बुआई का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि कुछ किसान अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं.
करीब 10 दिन पहले बुवाई करने वाले किसानों के खेतों में सोयाबीन का अंकुरण शुरू हो गया है. नन्हें पौधे खेतों से बाहर दिखाई देने लगे हैं, लेकिन अब उन्हें अच्छी बढ़वार के लिए बारिश का इंतजार है. किसानों का कहना है कि समय पर पानी गिर गया तो फसल अच्छी होगी और उनके चेहरों पर भी खुशी लौट आएगी. इस बार बाजार में सोयाबीन बीज की कीमत 8000 से 8500 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचने के बावजूद किसानों ने बेहतर उत्पादन की उम्मीद में महंगा बीज खरीदा और समय रहते बुवाई पूरी कर ली. किसानों का मानना है कि यदि लगातार बारिश शुरू हो जाती, तो खेतों में सूखापन नहीं आता और फसल को शुरुआती चरण में पर्याप्त नमी मिल जाती.
आसमान पर टिकी निगाहें…
बारिश की उम्मीद के साथ किसानों की निगाहें अब आसमान पर टिकी हैं. यदि मौसम का अनुमान सही साबित होता है, तो क्षेत्र में खरीफ फसल की बेहतर शुरुआत होने के साथ इस वर्ष अच्छी पैदावार की उम्मीद भी मजबूत होगी. और यदि बारिश की खेंच हो जाती है, तो किसानों को निराशा हाथ लगेगी.
बारिश के सीजन में आती है ये परेशानी…
ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों तक जाने वाले कई रास्ते खराब होने के कारण बारिश के बाद ट्रैक्टर और कृषि यंत्रों का खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है. इसी वजह से किसानों ने मौसम का अनुमान देखते हुए पहले ही बुवाई करना उचित समझा. मौसम विभाग के मौसम वैज्ञानिक सत्येंद्र धनोतिया ने बताया कि वर्तमान में की गई बुवाई को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है. आने वाले दिनों में रुक-रुक कर वर्षा का क्रम बना रहेगा तथा 5 जुलाई से लगातार अच्छी बारिश होने की संभावना है. इससे फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी और किसानों को राहत मिलेगी.
