
इंदौर. जिले में रविवार को पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ शासकीय पॉलीक्लिनिक हुकुमचंद से किया. कलेक्टर शिवम वर्मा ने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की. इस दौरान जनजागरूकता के लिए ऑटो रैली को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
शुभारंभ कार्यक्रम में कलेक्टर ने लब्यांश यादव, मिहिर, मिहिरा, ईरा, ईवान, रुस्तम, खुशी और रचना सहित कई बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई. उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक अभिभावक अपने पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं. इंदौरवासियों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि शहर भावी पीढ़ी के स्वास्थ्य को लेकर जागरूक है. कार्यक्रम के बाद कलेक्टर ने हुकुमचंद पॉलीक्लिनिक का निरीक्षण कर रेबीज टीकाकरण केंद्र, आदर्श नियमित टीकाकरण केंद्र और डायलिसिस यूनिट का भी जायजा लिया. उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के साथ संस्था के उन्नयन और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए. भारत में वर्ष 2011 के बाद पोलियो का कोई मामला सामने नहीं आया और वर्ष 2014 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया था. हालांकि पड़ोसी देशों अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अब भी पोलियो के मामले मिलने के कारण एहतियात के तौर पर देश में पल्स पोलियो अभियान लगातार चलाया जा रहा है. हाल के वर्षों में अफ्रीकी देशों मोजाम्बीक और मलावी में भी पोलियो के मामले सामने आए हैं. अभियान के तहत इंदौर में 0 से 5 वर्ष तक के पांच लाख से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा है. पहले दिन बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई जाएगी, जबकि छूटे हुए बच्चों को अगले दो दिनों तक घर घर जाकर पोलियो की खुराक दी जाएगी. इसके लिए 3600 से अधिक बूथ और मोबाइल टीमें तथा 8 हजार से अधिक कर्मचारी तैनात किए हैं. विशेष फोकस प्रवासी परिवारों, मलिन बस्तियों, निर्माण स्थलों, घुमंतू आबादी, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे ट्रांजिट स्थलों पर रहेगा. कार्यक्रम के अंत में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने नव भारत से चर्चा कर बताया कि जिले में पांच लाख से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा है. पहले दिन बूथों पर तथा अगले दो दिनों तक घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाई जाएगी.
