सिवनी मालवा: अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे) द्वारा चर्चित मॉब लिंचिंग मामले में 14 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक एवं कथित रूप से भड़काऊ पोस्ट सामने आने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वयं संज्ञान लेकर दो अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है.
उल्लेखनीय है कि 12 जून को एडीजे तबस्सुम खान ने मॉब लिंचिंग प्रकरण में 14 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। फैसले के बाद विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर न्यायालय और न्यायाधीश को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां और धमकी भरे संदेश साझा किए जाने की जानकारी पुलिस को मिली।
इसी क्रम में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक युवक कथित तौर पर यह कहते हुए दिखाई दे रहा है कि यदि “14 भाइयों” को 10 दिनों के भीतर रिहा करो।
वीडियो में न्यायाधीश के संबंध में धार्मिक आधार पर कथित रूप से आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां भी की गई हैं।थाना प्रभारी सुधाकर बारस्कर ने बताया कि वायरल वीडियो और अन्य सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर दो अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। उनकी पहचान कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तक एडीजे की ओर से कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने स्वयं संज्ञान लेते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की है।पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर कानून-व्यवस्था प्रभावित करने, धमकी देने अथवा सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने वाली सामग्री साझा करने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
