ग्वालियर: हिंदू महासभा ने भाजपा सरकार की नीतियों को सनातन विरोधी बताते हुए आज रविवार 28 जून से “सनातन बचाओ” जन आंदोलन शुरू किया है। संगठन ने इस संबंध में कई मुद्दों को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है।हिंदू महासभा के जिला अध्यक्ष लोकेश शर्मा द्वारा कहा गया है कि अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन में हिंदू महासभा की ऐतिहासिक भूमिका रही है, लेकिन मंदिर निर्माण और ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में संगठन को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। संगठन ने राम मंदिर से जुड़े आर्थिक मामलों की जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
मध्यप्रदेश में गौ-रक्षकों को मिली सजा, गौवंश संरक्षण, धर्मांतरण के मामलों तथा धार्मिक स्थलों के सरकारीकरण जैसे मुद्दों को भी उठाया गया है। संगठन ने मुख्यमंत्री की नीतियों की आलोचना करते हुए धार्मिक स्थलों और मंदिरों के सरकारी नियंत्रण का विरोध किया है। हिंदू महासभा ने आरोप लगाया कि भितरवार क्षेत्र में कथित धर्मांतरण के मामलों में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई। साथ ही संगठन ने विभिन्न मामलों की जांच कराने की मांग भी की है।
इन मुद्दों को लेकर अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से आज रविवार को शाम 5:30 बजे दौलतगंज स्थित हिंदू महासभा भवन में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण कर “सनातन बचाओ” जन आंदोलन का शंखनाद किया जाएगा। कार्यक्रम में हिंदू महासभा के संभागीय अध्यक्ष पवन गुप्ता, जिला अध्यक्ष लोकेश शर्मा तथा युवा जिला अध्यक्ष आनंद माहौर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे।
