
सीधी। नवभारत की सूचना को एनएचएआई ने गंभीरता लेते हुए 24 घन्टे में गड्ढे की मरम्मत कराई। खबर पर पहल से जानलेवा गड्ढे की मरम्मत हुई । एनएच-39 में जानलेवा गड्ढा जो बड़े खतरे को आमंत्रण दे रहा था उसका जोखिम दूर हो गया हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग मार्ग सीधी-सिंगरौली कुचवाही बाजार के समीप सारो मोड़ के आगे यह खतरनाक गड्डा मौजूद था।
बताते चले कि नवभारत की सूचना पर एनएचएआई कटनी/जबलपुर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आनंद प्रसाद ने संबंधित एजेंसी को उक्त स्थल का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के लिए निर्देशित किया गया था। लिहाजा आज सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग सीधी- सिंगरौली में जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर कुचवाही बाजार के समीप सारो मोड़ के आगे मौजूद खतरनाक गड्डा को तलाशने टीम पहुंची और गड्डे की पटाई कर डामरीकरण किया गया। यह खतरनाक गड्ढा कुचवाही ढाबा के इलाका में था। यहां पुल से सड़क को जोड़ने वाली सड़क किनारे में करीब 2 फिट लंबाई में क्षतिग्रस्त थी। पुल एवं सड़क के बीच 3 फिट चौड़ाई का गड्डा बड़े खतरे को आमंत्रण दे रहा था। यह गड्डा करीब 5 फिट गहरा था। इस गड्ढे में दो पहिया वाहन चालक अक्सर फंसकर दुर्घटना के शिकार होते थे, वहीं पैदल चलने वाले लोग भी अंजाने में गड्ढे में गिरकर चोटिल हो जाते थे। पुल के समीप यह सड़क करीब 6 माह से क्षतिग्रस्त थी। एक लेन में बनी पुल से आवागमन चल रहा है, जबकि दूसरे लेन में हाल ही में पुल का स्लैब डाला गया है। सड़क के खतरनाक गड्ढा का सुधार होने के बाद स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली है।
