
रीवा। रीवा शहर में ऊंची इमारतों की फायर सेफ्टी को लेकर नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।खबर के बाद फायर विभाग की टीम ने पिछले कुछ दिनों में होटल, मल्टीस्टोरी रिहायशी इमारतों, लाइब्रेरी, टॉवर और बैंक समेत 50 से अधिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। चौंकाने वाली बात यह रही कि कई बड़े कॉम्प्लेक्स सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे।
*नामचीन इमारतें भी शामिल*
जांच में कॉलेज चौक स्थित जॉन टॉवर बहुमंजिला इमारत और उसमें संचालित एसआईआरटी लाइब्रेरी में फायर इक्विपमेंट नहीं मिला। वहीं बैंक में लगे दो एक्सटिंग्विशर भी खराब हालत में थे। इसी तरह लोटस टॉवर और आशीर्वाद प्लाजा जैसी इमारतों में भी एक्सटिंग्विशर एक्सपायर मिले। शाही अपार्टमेंट में तो फायर उपकरण ही नहीं लगाए गए थे।
*सुरक्षा के नाम पर खानापूर्ति*
अधिकांश बिल्डिंगों में सोसायटी तक नहीं बनी है। जहां फायरमैन तैनात हैं, उन्हें एक्सटिंग्विशर चलाना तक नहीं आता। ऐसे में अचानक आग लगने पर हालात बेकाबू हो सकते हैं। कई जगह फायर सिस्टम इंस्टॉल ही नहीं किया गया, और जहां लगा है वहां उपकरण खराब पड़े हैं।
*एनओसी के बिना चल रहे प्रतिष्ठान*
कांग्रेस नेता के स्टूडियो, लोटस टॉवर, विष्णु विलास होटल, विष्णु एंपायर, जॉन बास्केट में मल्टीस्टोरी आवासीय बिल्डिंगों के निरीक्षण में फायर एनओसी तक नहीं मिली। इतने बड़े भवनों में दर्जनों फ्लैट लेकर लोग रह रहे हैं, लेकिन सुरक्षा की अनदेखी साफ दिखी।
*अब आगे की कार्रवाई की तैयारी*
नगर निगम अब होटल, मल्टी स्टोरी टॉवर, लाइब्रेरी, स्कूल और बहुमंजिला रिहायशी इमारतों की सूची तैयार कर रहा है। जवाबदारी फ्लैट में रहने वालों की समिति के हवाले है, लेकिन बिल्डर्स ने फ्लैट बेचकर पल्ला झाड़ लिया। प्रशासन का कहना है कि जनसुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
सर्वे में शामिल प्रमुख स्थान
केशरी अपार्टमेंट जैसी रिहायशी बहुमंजिला इमारत, एसआईआरटी लाइब्रेरी, आरोही इंस्टीट्यूट, ई-लाइब्रेरी, कोचिंग सेंटर, होटल आदि। रेलवे मोड़ से लेकर नए बस स्टैंड तक कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी फायर सिस्टम की कमी पाई गई।
