कोलकाता, (वार्ता) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि शहर के पुलिस आयुक्त अजय नंद तारातला माल गोदाम हादसे के जांच की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं। घटनास्थल पर बचाव कार्य जारी है और मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है।
कोलकाता पुलिस के सूत्रों ने बताया कि 17 मजदूर अभी भी राज्य के एसएसकेएम अस्पताल में अपनी चोटों से जूझ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “कोलकाता पुलिस की अपराध शाखा इसे एक बड़ी जांच के तौर पर देख रही है। पुलिस आयुक्त खुद जांच की निगरानी कर रहे हैं और मुझे नियमित रिपोर्ट मिल रही है। जिस व्यक्ति पर शुरू में आरोप लगे थे, उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है।”
श्री अधिकारी ने कहा कि इस घटना के सिलसिले में छह लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इस घटना ने राज्य में पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार के आरोप खड़े कर दिए हैं। उन्होंने पहले यह भी आरोप लगाया था कि तत्कालीन महापौर फिरहाद हकीम ने निर्माण के स्वीकृत प्लान पर हस्ताक्षर किए थे।
पुलिस ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। ये धाराएं गैर-इरादतन हत्या , गैर-इरादतन हत्या की कोशिश और संयुक्त आपराधिक दायित्व से संबंधित हैं।
इस बीच, ग्राउंड-पेनिट्रेटिंग रडार, स्निफर डॉग और भारी इंजीनियरिंग उपकरणों से लैस बचाव दल मलबे के नीचे फंसे किसी भी व्यक्ति की तलाश में जुटे रहे।
कोलकाता पुलिस के आपदा प्रबंधन समूह , अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं , कोलकाता नगर निगम , नागरिक बचाव, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और सेना के जवान चौबीसों घंटे बचाव कार्यों में लगे हुए थे।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि तलाशी अभियान जारी है। जब ढांचा गिरा था, तब वहां मौजूद मजदूरों की संख्या का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं था।
पुलिस ने बताया कि मारे गए लोगों में तीन नाबालिग थे जिन्हें निर्माण स्थल पर मजदूर के तौर पर काम पर रखा गया था। कोलकाता पुलिस के अनुसार मरने वालों की पहचान कृष्णा चौधरी (49), रोहित चौधरी (20), चंद्रमा चौधरी (60), राहुल चौधरी (17), पप्पू कुमार रजक (40), घी कुमार (17), असगर हुसैन (54), साहिल सरदार (17), हसन इमाम (44), गणेश कलंदी (45), नवीन सिंह (44) और स्वपन मंडल (56) के तौर पर हुई है। इसके अलावा तीन शवों की पहचान नहीं हो पाई है।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को निर्माणाधीन माल गोदाम ढह गया था। क्योंकि जिन लोहे के बीम और नालीदार धातु की शीट पर कंक्रीट डाला गया था, वे कंक्रीट के मिश्रण का भार नहीं सह पाए, जिससे दर्जनों मजदूर अंदर फंस गए थे।
