
दमोह। हर साल की तरह इस साल भी माहे मोहर्रम में दमोह के सभी इमामबाड़ों में शहीदाने कर्बला हजरत इमाम हुसैन अ.स. की याद में 10 दिनों तक मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस में पैगम्बर मोहम्मद स.अ.व. के नवासे हज़रत इमाम हुसैन और उनके परिवार पर हुए जुल्म-ओ-सितम को याद किया गया। इस दौरान ईरान से तशरीफ लाए मौलाना सैयद एजाज हुसैन जैदी साहब ने तकरीर फरमाई। उन्होंने बताया कि कैसे यज़ीद और उनके साथियों ने कर्बला में इमाम हुसैन अ.स., उनके परिवार और अज़ीज़ साथियों पर जुल्म कर भूखा-प्यासा शहीद कर दिया। इसी दिन को याद कर 10 मोहर्रम, रोज़े आशूरा के दिन शिया समुदाय के लोगों ने मातमी जुलूस निकाला। नोहे, मर्सिया पढ़ते हुए आलम और ताजियों के साथ बड़े-बूढ़े, नौजवान और छोटे-छोटे बच्चों ने लब्बैक या हुसैन, यज़ीदियत मुर्दाबाद, हुसैनियत जिंदाबाद के नारे लगाए।
जुलूस जाफरी इमामबाड़ा सिविल वार्ड नंबर 2 से शुरू होकर पुराना थाना, जैदी इमामबाड़ा, जाफरी इमामबाड़ा फुटेरा मोहल्ला, महाकाली चौराहा होते हुए फुटेरा तालाब पहुंचा, जहां आलम और ताजियों को ठंडा किया गया। पुलिस व्यवस्था में प्रआ हेमंत, आरक्षक सैनी प्रसाद, आशीष और पुलिस बल मौजूद रहा।
