इंदौर/महू: बारिश के मौसम में प्रकृति की खूबसूरती को निहारने और पिकनिक मनाने की चाह रखने वाले सैलानियों के लिए एक बड़ी और जरूरी खबर है. महू तहसील के पहाड़ी और जंगली इलाकों में स्थित झरनों पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए इंदौर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. जिला मजिस्ट्रेट और कलेक्टर शिवम वर्मा ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर इंदौर जिले के 15 प्रमुख पर्यटन स्थलों के प्रतिबंधित, गहरे और एकांत क्षेत्रों में आम जनता के जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है. यह आदेश 25 जून से 22 अगस्त तक प्रभावी रहेगा.
सैलानियों की सुरक्षा के लिए उठाया सख्त कदम
प्रशासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि बीते वर्षों में इन पर्यटन स्थलों के एकांत और खतरनाक पॉइंट पर कई दर्दनाक हादसे और मौतें हुई हैं. इन दुर्गम जगहों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं रहते, जिससे मानव जीवन को गंभीर खतरा बना रहता है. जन-सामान्य की जान माल की रक्षा और लोक शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन को यह सख्त रुख अपनाना पड़ा है.
इन 15 पर्यटन स्थलों के डेंजर जोन बंद
आदेश के अनुसार, इंदौर जिले की महू तहसील स्थित तिंछा फॉल, चोरल फॉल, चोरल डैम, शीतलामाता फॉल, कजलीगढ़, मेहन्दी कुण्ड, जामन्या कुण्ड, मोहाड़ी फॉल, रतबी वाटर फॉल, लोहिया कुण्ड, जूनापानी, चिड़िया भड़क, बामनिया कुण्ड, जोगी भड़क, हत्यारी खो के डेंजर जोन पर जाना प्रतिबंधित किया गया है. कलेक्टर ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्देशित किया है कि वे तुरंत इन सभी 15 पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की जानकारी के लिए सूचना और चेतावनी बोर्ड लगवाएं. साथ ही हादसों की आशंका वाले डेंजर जोन को चिह्नित कर वहां बैरिकेडिंग और सीमाएं निर्धारित की जाएं. स्थानीय थाना प्रभारियों को इस आदेश का कड़ाई से पालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
नियम तोड़ा तो जेल की हवा
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वाले हुड़दंगियों और लापरवाही बरतने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. यदि कोई भी प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसपैठ करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, यह प्रतिबंध कानून-व्यवस्था और सुरक्षा में लगे सरकारी अधिकारियों व पुलिसकर्मियों पर लागू नहीं होगा
