
जावरा। थाना क्षेत्र के ग्राम सुखेड़ा स्थित प्रसिद्ध जैन मंदिर में बीती 21 जून को दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज चोरी का पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में खुलासा कर दिया है। आस्था के केंद्र में सेंध लगाने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि मंदिर का पुजारी ही निकला। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पुजारी समेत कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से चोरी गया चांदी का सिद्धचक्र और सोने का हार बेचने से मिले 94 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। एसडीओपी संदीप मालवीय ने गुरुवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि चोरी की इस गंभीर घटना के बाद एसपी अमित कुमार और एएसपी विवेक लाल के निर्देशन में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम ने जब तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से तफ्तीश शुरू की, तो कडिय़ाँ मंदिर के पुजारी विशाल बैरागी से जा जुड़ीं।
मंदसौर के रहने वाले हैं आरोपी, दिल्ली में बेचा माल: पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान विशाल बैरागी (पुजारी) निवासी बुढ़ा, जिला मंदसौर, सुनील चौहान निवासी गर्रावद, जिला मंदसौर, दीपक टेलर निवासी पहेड़ा, जिला मंदसौर के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि चांदी का सिद्ध चक्र पुजारी विशाल ने अपने पास ही छुपा कर रखा था, जिसे पुलिस ने उसके कब्जे से जब्त कर लिया है। वहीं, भगवान की प्रतिमा पर लगा सोने का हार आरोपी दीपक और सुनील ने दिल्ली ले जाकर बेच दिया था। पुलिस ने हार बेचने से मिले 94 हजार रुपये नकद बरामद कर लिए हैं।
कार्रवाई की वर्तमान स्थिति: पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहाँ से कोर्ट के आदेश पर मुख्य आरोपी पुजारी विशाल और दीपक को जेल भेज दिया गया है। वहीं, तीसरे आरोपी सुनील को पुलिस ने रिमांड पर लिया है। पुलिस टीम सुनील को दिल्ली लेकर रवाना होगी, जहाँ हार खरीदने वाले सर्राफा व्यापारी और स्थान की तस्दीक की जाएगी। इस त्वरित और सफल कार्रवाई में पिपलोदा थाना प्रभारी रमेश कोली, सुखेड़ा चौकी प्रभारी राजू मखोड़ सहित पूरी पुलिस टीम का विशेष योगदान रहा।
