
दमोह। विश्वप्रसिद्ध एवं आस्था के प्रमुख केंद्र श्रीदेव जागेश्वरनाथ मंदिर बांदकपुर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए जाने वाले दान एवं चढ़ावे की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मंदिर ट्रस्ट द्वारा आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। मंदिर परिसर में पारंपरिक दान पेटियों के साथ-साथ लगभग एक वर्ष पूर्व क्यूआर कोड आधारित डिजिटल दान व्यवस्था प्रारंभ की गई थी, जिसका लाभ देश-विदेश से आने वाले हजारों श्रद्धालु प्राप्त कर रहे हैं।
मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक आचार्य पंडित रामकृपाल पाठक शास्त्री जी ने बताया कि मंदिर ट्रस्ट सदैव श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास एवं दान की पवित्रता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता आया है। इसी उद्देश्य से मंदिर में पारंपरिक दान पेटी व्यवस्था को यथावत रखते हुए आधुनिक डिजिटल भुगतान प्रणाली को भी जोड़ा गया, जिससे श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार नगद अथवा ऑनलाइन माध्यम से दान अर्पित कर सकें।
उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में स्थापित अधिकृत क्यूआर कोड के माध्यम से श्रद्धालु सीधे मंदिर ट्रस्ट के अधिकृत बैंक खाते में दान राशि जमा कर सकते हैं। इस प्रक्रिया से दान की राशि तत्काल बैंक खाते में दर्ज हो जाती है तथा उसका पूर्णू डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है। इससे दान व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी है और श्रद्धालुओं का विश्वास भी और अधिक मजबूत हुआ है।
मंदिर ट्रस्ट के सचिव पंकज हर्ष श्रीवास्तव जी ने कहा कि मंदिर में स्थापित दान पेटियों की गणना निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रशासनिक अधिकारियों एवं अधिकृत समिति सदस्यों की उपस्थिति में की जाती है। वहीं क्यूआर कोड के माध्यम से प्राप्त दान का पूरा विवरण बैंकिंग प्रणाली में सुरक्षित रहता है। इस प्रकार पारंपरिक एवं आधुनिक दोनों व्यवस्थाओं का समन्वय कर मंदिर ट्रस्ट ने दान प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में बड़ी संख्या में श्रद्धालु डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता दे रहे हैं। विशेष रूप से दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा युवाओं को क्यूआर कोड के माध्यम से दान करने में सुविधा प्राप्त हो रही है। डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद मंदिर प्रशासन को भी आय-व्यय के अभिलेखों को सुव्यवस्थित रखने में सहायता मिली है।
मंदिर ट्रस्ट के प्रवक्ता ने कहा कि जहां आज लोग क्यूआर कोड की आवश्यकता को महसूस कर रहे हैं वही बांदकपुर मंदिर ट्रस्ट ने पूर्व से इसकी व्यवस्था लागू की हुई है भगवान श्री जागेश्वरनाथ महादेव के चरणों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित प्रत्येक दानराशि मंदिर विकास, श्रद्धालु सुविधाओं के विस्तार, धार्मिक आयोजनों, स्वच्छता व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन तथा जनहितकारी कार्यों में उपयोग की जाती है। ऐसे में दान की प्रत्येक राशि का पारदर्शी लेखा-जोखा बनाए रखना मंदिर ट्रस्ट की नैतिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी है।
मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे मंदिर परिसर में स्थापित अधिकृत दान पेटियों अथवा ट्रस्ट द्वारा जारी अधिकृत क्यूआर कोड का ही उपयोग करें तथा किसी भी अनधिकृत माध्यम से दान न करें इससे दान की पवित्रता, सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित बनी रहेगी
उन्होंने कहा कि श्रीदेव जागेश्वरनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है मंदिर ट्रस्ट आधुनिक तकनीक और सुशासन के माध्यम से श्रद्धालुओं के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। पारदर्शिता, जवाबदेही और श्रद्धालुओं की सुविधा मंदिर ट्रस्ट की प्राथमिकताओं में सदैव शामिल रही है और आगे भी रहेगी।
