
धार। मुहर्रम पर्व के दौरान ताजिया निर्माण एवं धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर चल रहे विवाद में मुस्लिम समाज को बड़ी राहत मिली है। इंदौर उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच ने सरकारी इमामबाड़ा को 25 जून से 1 जुलाई तक खोलने के आदेश जारी किए हैं। न्यायालय ने एसडीओ को निर्देश दिए हैं कि इमामबाड़े की चाबियां याचिकाकर्ता को सौंप दी जाएं, ताकि ताजिया निर्माण एवं निर्धारित धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हो सकें।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुनाया फैसला-सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं एवं उनके अधिवक्ताओं ने अपना-अपना पक्ष रखा, वहीं शासन की ओर से अधिवक्ता सोनल गुप्ता ने पक्ष प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने अंतरिम राहत प्रदान करते हुए इमामबाड़ा को 25 जून से 1 जुलाई तक खोलने का आदेश दिया।
स्थायी निर्माण और बदलाव पर रोक-न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि इमामबाड़े में किसी प्रकार का स्थायी निर्माण अथवा संरचनात्मक बदलाव नहीं किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी तथा धार्मिक कार्यक्रम स माप्त होने के बाद 1 जुलाई को इमामबाड़े की चाबियां पुन: प्रशासन को सौंपना होंगी।
22 जुलाई को होगी अगली सुनवाई-मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को निर्धारित की गई है। तब तक न्यायालय के आदेशानुसार धार्मिक गतिविधियां निर्धारित शर्तों के तहत संचालित होंगी।
फैसले के बाद मुस्लिम समाज में खुशी की लहर-हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में मुस्लिम समाजजन सरकारी इमामबाड़े पहुंचे। लोगों ने मिठाइयां बांटी, आतिशबाजी की और फैसले का स्वागत करते हुए खुशी जाहिर की।
प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा, भारी पुलिस बल तैनात-घटनाक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन ने सरकारी इमामबाड़े एवं आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है तथा पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। शहर में पेट्रोलिंग भी बढ़ा दी गई है।
ताजिया मार्ग और कार्यक्रमों की रूपरेखा पर होगी बैठक-प्रशासन मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के साथ लगातार बैठक कर रहा है। ताजियों के मार्ग, अखाड़ों के संचालन, जुलूस की व्यवस्था तथा अन्य धार्मिक कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा आपसी सहमति से तय की जाएगी ताकि आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें।
एसपी सचिन शर्मा की अपील, अफवाहों से रहें दूर-पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि मुहर्रम का पर्व, शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ मनाया जाए। समाज के वरिष्ठजनों एवं प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया जाए।
शांति और सौहार्द बनाए रखने पर प्रशासन का जोर-प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की सतत निगरानी बनी हुई है।
