लखनऊ | उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला। महिला आरक्षण विधेयक (संविधान 131वां संशोधन) का विरोध करने पर सपा को घेरते हुए सीएम योगी ने कहा कि इनका आचरण देखकर गिरगिट भी शर्मा जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जो पार्टी दिल्ली में इस बिल का विरोध करती है, वह लखनऊ आते ही आधी आबादी के आक्रोश को देखकर रंग कैसे बदल लेती है। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि सपा नेता अब 33 फीसदी आरक्षण की वकालत कर रहे हैं, जबकि संसद में इन्होंने इसे रोकने के लिए हर संभव बाधा उत्पन्न की थी।
सदन को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने 1995 के कुख्यात ‘गेस्ट हाउस कांड’ की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि जिस दल ने देश की पहली दलित महिला मुख्यमंत्री (मायावती) का अपमान किया हो और उन पर जानलेवा हमला करवाया हो, उससे महिला सम्मान की उम्मीद करना व्यर्थ है। उन्होंने भाजपा नेता ब्रह्म दत्त द्विवेदी के साहस का जिक्र किया, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर उस समय मायावती की रक्षा की थी। मुख्यमंत्री ने सपा शासनकाल की कानून-व्यवस्था पर प्रहार करते हुए कहा कि पहले ‘देख सपाई, बिटिया घबराई’ का नारा मशहूर था, क्योंकि सपा के शोहदे सड़कों पर महिलाओं के साथ छींटाकशी करते थे।
योगी आदित्यनाथ ने केवल सपा ही नहीं, बल्कि कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने ‘शाह बानो’ केस और ‘तीन तलाक’ का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा वोट बैंक के लिए मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के साथ समझौता किया। उन्होंने कहा कि यदि उस समय शाह बानो को न्याय मिला होता, तो आज देश की स्थिति अलग होती। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने ‘नारी शक्ति’ को सशक्त बनाने का जो बीड़ा उठाया है, उसमें विपक्ष द्वारा खड़ी की गई हर बाधा को जनता देख रही है और आगामी चुनावों में इसका करारा जवाब देगी।

