उज्जैन: हम्मालवाड़ी क्षेत्र में बुधवार को हुए दर्दनाक हादसे ने शहर में मौजूद जर्जर मकानों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. करीब 150 साल पुराना मकान अचानक ढह गया, जिससे कई लोग मलबे में दब गए.स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से आठ से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि कुछ लोग घायल हुए. हादसे में 12 वर्षीय एक बालक की मौत हो गई.
नए मकान ने गिराया पुराना मकान
प्रारंभिक तौर पर सामने आया है कि पुराने मकान के समीप नए भवन का निर्माण कार्य चल रहा था. निर्माण के लिए गहरी खुदाई की जा रही थी, जिससे जर्जर मकान की नींव कमजोर पड़ गई और बारिश के बीच पूरा ढांचा भरभराकर गिर गया.
मौके पर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना के बाद प्रशासन, पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे तथा बचाव अभियान चलाया गया. जेसीबी से मलबा हटाया गया, घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है. प्रशासन द्वारा मामले की जांच कराई जा रही है ताकि हादसे के कारणों और संभावित लापरवाही की जिम्मेदारी तय की जा सके.
जर्जर मकान का सर्वें
यह हादसा शहर में मौजूद अन्य पुराने और खस्ताहाल भवनों की ओर भी ध्यान आकर्षित करता है. उज्जैन के कई इलाकों में ऐसे जर्जर मकान मौजूद हैं, जो लगातार बारिश के दौरान कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं. नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे भवनों का सर्वे कर उन्हें चिन्हित करना चाहिए और आवश्यक कार्रवाई करते हुए लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो
