पति की मौत के बाद महिला ने रचाया दूसरा विवाह, तो पूर्व ससुराल वाले मांग रहे 15 लाख और जेवरात

राजगढ़। विधवा पुनर्विवाह को समाज सुधार और महिला सम्मान की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जाता है, लेकिन राजगढ़ जिले के ग्राम कोलुखेड़ी से सामने आए एक मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आज भी महिलाओं को अपनी इच्छा से नया जीवन शुरू करने की पूरी सामाजिक स्वीकृति मिल पाई है. पति की मृत्यु के बाद पुनर्विवाह करने वाली एक महिला ने अपने पूर्व ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की है.

जानकारी के अनुसार, परिवर्तित नाम सीमा बाई (32 वर्ष) का विवाह करीब 13 वर्ष पहले ग्राम देवरिया निवासी युवक से हुआ था. दांपत्य जीवन के दौरान उन्हें एक पुत्री हुई, जिसकी वर्तमान आयु लगभग नौ वर्ष है. करीब छह वर्ष पूर्व बीमारी के कारण पति की मृत्यु हो गई थी. पति के निधन के बाद सीमा बाई ससुराल में ही रह रही थीं, लेकिन उनका आरोप है कि इस दौरान जेठ, देवर और परिवार के अन्य सदस्य उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे. शराब के नशे में अभद्र व्यवहार और लगातार हो रहे उत्पीडऩ से परेशान होकर वह अपनी पुत्री के साथ मायके लौट आईं.

आर्थिक रूप से कमजोर मायके में भी जीवन आसान नहीं था. ऐसे में परिवार की सहमति और अपनी इच्छा से उन्होंने ग्राम कोलुखेड़ी निवासी एक युवक के साथ विधवा पुनर्विवाह कर नया जीवन शुरू किया. वर्तमान में वह अपने पति के साथ कोलुखेड़ी में निवास कर रही हैं.

महिला का आरोप है कि पुनर्विवाह के बाद पूर्व ससुराल पक्ष के लोग नाराज हो गए और लगातार उन्हें तथा उनके वर्तमान परिवार को परेशान कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके निवास क्षेत्र में कई बार आगजनी की घटनाएं हुईं और घटनास्थल पर धमकी भरे पत्र भी छोड़े गए. इसके अलावा कथित रूप से 15 लाख रुपये और जेवरात की मांग करते हुए झगड़ा देने का दबाव बनाया जा रहा है.

महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि पूर्व ससुराल पक्ष के लोग उनकी नौ वर्षीय पुत्री को अपने साथ ले जाने और उसकी सगाई करने की बात कहकर धमका रहे हैं. यह आरोप न केवल बाल अधिकारों के उल्लंघन की आशंका पैदा करता है, बल्कि बाल विवाह जैसी कुरीतियों को बढ़ावा देने वाली मानसिकता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है.

सीमा बाई ने पूरे मामले की शिकायत थाना कोतवाली राजगढ़ में दर्ज कराते हुए स्वयं, अपने वर्तमान पति और पुत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. फिलहाल मामले को लेकर पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.

विधवा पुनर्विवाह महिला के सम्मान, स्वाभिमान और उसके पुनर्निर्माण के अधिकार का प्रतीक है. ऐसे सामाजिक कदमों का स्वागत होना चाहिए. किसी महिला से धन की मांग करना, धमकाना अथवा तथाकथित झगड़ा जैसी कुप्रथाओं के माध्यम से दबाव बनाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि मानवीय मूल्यों के भी विरुद्ध है. ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होना आवश्यक है, ताकि समाज में समानता और न्याय की भावना मजबूत हो सके.

अरुण सतालकर

डायरेक्टर अहिंसा वेलफेयर सोसाइटी

Next Post

सागौन तस्करों द्वारा फायरिंग बेखौफ तस्कर: सरकारी वाहनों के पहियों पर कुल्हाड़ी चलाई, लौटकर दोबारा हमला करने आए

Wed Jun 24 , 2026
ब्यावरा। सुठालिया वन क्षेत्र में सागौन तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग की टीम पर वन माफिया ने हमला कर दिया. तस्करों ने पहले फायरिंग की, फिर कुल्हाड़ी, गोफन, पत्थर और कांच की बोतलों से अमले को निशाना बनाया. हमले में डिप्टी रेंजर समेत तीन वनकर्मी घायल हुए […]

You May Like