इंदौर: आईडीए को केंद्र सरकार ने पीएम आवास योजना 2 में विस्थापितों को अनुदान देने से मना कर दिया है. इसके बाद आईडीए एमआर-11 सड़क के विस्थापितों को अन्य जगह शिफ्ट करने के लिए असमंजस में है, क्योंकि 9.50 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान आईडीए को करना पड़ेगा. एमआर – 11 सड़क 80 प्रतिशत बन चुकी है और आईडीए 60 करोड़ रुपए निर्माण पर खर्च कर चुका है.लगता है आईडीए के लिए एमआर-11 सड़क परेशानी का सबब बन चुकी है. उक्त 200 सौ फिट चौड़ी 3.5 किलोमीटर लंबी सड़क के बाधक 237 मकान हटाने के तैयारी आईडीए द्वारा की जा रही थी.
आईडीए सड़क में बाधक बस्ती के 237 लोगों को योजना 136 में निर्मित अमलतास और एक अन्य बहुमंजिला इमारत में एक बेडरूम वाले फ्लैट आवंटित करने की योजना बना रहा था. आईडीए एमआर-11 में बाधक रहवासियों को प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में फ्लैट आवंटित करने की तैयारी कर रहा था, जिसमें विस्थापितों को 4 लाख रुपए का अनुमान मिल जाता. मगर आईडीए को विस्थापितों को फ्लैट देने की योजना पर केंद्र सरकार ने तगड़ा झटका दे दिया है. प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में अनुदान 4 लाख रुपए की राशि देने से इंकार कर दिया है.
ध्यान रहे कि आईडीए द्वारा एमआर-11 सड़क निर्माण पूरा लगने के लिए रहवासियों से 2 लाख, आईडीए 2.5 लाख और 4 केंद्र की पीएम आवास योजना में शामिल कर फ्लैट आवंटन कर रहा था, जिसमें बाकी आठ लाख का आवास ऋण हितग्राही भरने को तैयार हो गए थे. आम मामला उलझा गया है. आईडीए को अब 9.50 करोड़ रुपए अतिरिक्त राशि का भुगतान करने का भार आ गया है, क्योंकि आईडीए एमआर-11 सड़क निर्माण पर 60 करोड़ रुपए खर्च कर चुका है. आईडीए के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है कि बाधक हटाए तो सड़क पूरी हो, नहीं हटाए तो 60 करोड़ खर्च करने पर भी अधूरी सड़क और सिंहस्थ में यातायात का सुचारू संचालन संभव नहीं हो सकेगा. इस बारे में आईडीए सीईओ डॉ परीक्षित झाड़े ने बताया कि वे छुट्टी पर है.
वर्तमान में सड़क निर्माण की स्थिति
मास्टर प्लान की यह सड़क 60 मीटर यानी 200 फीट चौड़ी है और इसका करीब 2.7 किलोमीटर से ज्यादा हिस्सा बन चुका है. उक्त सड़क की निर्माण लागत 73 करोड़ रुपए है, जिसमें 60 करोड़ निर्माण में खर्च हो चुके है. इसका ठेका हाइवे इंफ्रास्ट्रख्र को दिया गया है.
