सना, 27 मार्च (वार्ता) यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने संकेत दिया है कि यदि अमेरिका और इजरायल सैन्य कार्रवाई तेज करते हैं, तो वे ईरान के समर्थन में संघर्ष में शामिल होने के लिए तैयार हैं। इस बयान ने क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक नौवहन मार्गों को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
एक वरिष्ठ हूती नेता ने कहा कि उनता समूह युद्ध क्षेत्र के आकलन और ईरान तथा सहयोगी बलों के साथ समन्वय के आधार पर हस्तक्षेप कर सकता है। अमेरिकी मीडिया ने हूती संचालित सूचना मंत्रालय के अवर सचिव मोहम्मद मंसूर के हवाले से कहा, “यमन… ईरान का समर्थन करने में शामिल होगा। ऐसा करना हमारी धार्मिक, नैतिक और मानवीय जिम्मेदारी है।”
श्री मंसूर ने चेतावनी दी कि अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा स्थिति को बिगाड़ने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी जाएगी। उन्होंने कहा, “अगर अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान के खिलाफ स्थिति को और गंभीर बनाने की कोशिश करते हैं, तो यमन हस्तक्षेप करके उनसे पहले कार्रवाई करेगा।” उन्होंने कहा कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को बंद करना एक ‘व्यावहारिक विकल्प’ है।
लाल सागर को वैश्विक नौवहन मार्ग से जोड़ने वाला बाब अल-मंडेब एक प्रमुख जलडमरूमध्य है, जिसे पहले भी हूती विद्रोहियों द्वारा निशाना बनाया गया है। उन्होंने वाणिज्यिक जहाजों पर हमले कर व्यापार को बाधित किया है।
श्री मंसूर ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “इसके परिणामों की जिम्मेदारी अमेरिकी और इजरायली हमलावरों के साथ-साथ उन देशों की भी होगी जो इस पर चुप हैं।”
हालांकि, इस चेतावनी के बावजूद हूती औपचारिक रूप से चल रहे संघर्ष में शामिल नहीं हुए हैं। एक टेलीविजन संबोधन में प्रमुख हूती नेता अब्देल मालेक अल-हूती ने यमन में अमेरिकी संलिप्तता के नुकसानों पर प्रकाश डाला, लेकिन युद्ध में प्रत्यक्ष भागीदारी की घोषणा करने से परहेज किया।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा समुद्री व्यापार में बड़े व्यवधान की आशंका जताई जा रही है।
