इंदौर: पलासिया थाने में दर्ज गंभीर अपराध के आरोपी लक्की उर्फ सोहेल खान की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी. विशेष न्यायाधीश ने स्पष्ट कहा कि आरोपी को जमानत देने पर साक्ष्य और गवाह प्रभावित हो सकते हैं. आरोपी पर जेल में रहते हुए फरियादी को फोन कर समझौते का दबाव बनाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है. आरोपी की पत्नी ने भी इंस्टाग्राम पर धमकी दी, कोर्ट ने आरोपी की जमानत खारिज कर दी है.
पलासिया थाने में बुधवार 29 अप्रैल को दर्ज एक अपराध में आरोपी लक्की उर्फ सोहेल खान को पुलिस ने गुरुवार 30 अप्रैल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. आरोपी के खिलाफ बीएनएस के साथ ही एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज है. फरियादी ने बताया कि मंगलवार 28 अप्रैल को उसे एक मोबाइल नंबर से कॉल आया था, कॉलर ने खुद को लक्की बताते हुए कहा कि केस में समझौता कर ले, नहीं तो 80 फीट रोड पर जहां मिलेगा, वहीं खत्म कर देगा. जब फरियादी ने कहा कि वह जेल में है, तो आरोपी ने कहा कि वह जेल से अपनी बहन के मोबाइल से बात कर रहा है. उसने धमकी दी कि समझौता नहीं किया तो बाहर आते ही हत्या कर देगा.
आरोपी और उसके परिवार द्वारा बनाया जा रहा दबाव
फरियादी का कहना है कि आरोपी और उसके परिवार द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है. शनिवार 20 जून की रात करीब 9 बजे आरोपी की पत्नी ने इंस्टाग्राम आईडी से मैसेज कर जान से मारने की धमकी दी. इससे पहले भी 15 मई को कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए धमकी देने की शिकायत थाना लसूड़िया में की जा चुकी है. जिसकी कॉल रिकॉर्डिंग फरियादी ने पुलिस को दी है. बताया गया है कि प्रकरण की जांच पूरी कर पुलिस चार्जशीट पेश कर चुकी है. आरोपी की ओर से जमानत के लिए आवेदन दिया, जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताते हुए पुराने संबंधों और व्हाट्सएप चैट का हवाला दिया. वहीं अभियोजन और फरियादी पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कोर्ट में बताया कि आरोपी लगातार धमका रहा है और बाहर आने पर गवाहों को प्रभावित कर सकता है.
कोर्ट ने कहा- अपराध गंभीर, आरोपी को राहत देना उचित नहीं
मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश अजा/अजजा अधिनियम इंदौर देवेन्द्र प्रसाद मिश्रा ने शुक्रवार 19 जून को आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी. कोर्ट ने माना कि अपराध गंभीर प्रकृति का है और आरोपी को राहत देना उचित नहीं है. सुनवाई के दौरान करणी सेना के कार्यकर्ता मानसिंह राजावत, युवराज सिंह सहित अन्य मौजूद रहे
