
भोपाल। समान नागरिक संहिता के अध्ययन एवं परीक्षण के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों ने सोमवार को प्रशासन अकादमी में राज्य स्तरीय बैठक में व्यक्तियों, संस्थाओं, शासकीय विभागों, राजनैतिक दल, धर्म गुरुओं सहित विभिन्न आयोगों के प्रतिनिधियों की राय जानी।
उच्च स्तरीय समिति में सदस्य और उत्तराखंड के सेवानिवृत मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, शिक्षाविद गोपाल शर्मा और श्रीमती डॉ शोभा वेथनकर,वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप नायर, समाजसेवी बुद्ध पाल सिंह ने सुझाव सुने।शासन की ओर से सभी मौखिक और लिखित सुझावों को दर्ज किया गया।सुझावों में प्रमुख रूप से विवाह, विवाह विच्छेद, संतान, दत्तक नियम जैसे विभिन्न विषयों पर राय दी गई।
उच्च स्तरीय समिति के समक्ष मध्यप्रदेश बाल संरक्षण आयोग, मानव अधिकार आयोग,राज्य महिला आयोग, मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग, जनजाति आयोग और वनवासी विकास संघ ने अपने सुझाव दिए।समिति के समक्ष जनजाति कार्य विभाग, गृह, महिला एवं बाल विकास, राजस्व, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य,जेल विभाग द्वारा प्रेजेंटेशन दिया गया। उन्होंने अपनी विभागीय योजनाओं के प्रावधानों के साथ समान नागरिक संहिता को जोड़ा।
बैठक में भारतीय जनता पार्टी, सीपीआईएम, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी,भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी आदि के पदाधिकारियों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए।बाद में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख और बौद्ध धर्म गुरुओं ने भी समिति के समक्ष अपने सुझाव दिए। बाद में समिति ने भोपाल जिले के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की राय जानी। सुझाव देने वालों में विधायक गण और धर्मगुरु भी शामिल थे।
