जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने दमोह के जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ प्रस्तावित विभागीय जांच पर अंतरिम रोक लगा दी है। एकलपीठ ने राज्य शासन सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।याचिकाकर्ता दमोह निवासी एसके नेमा ने 17 अप्रैल 2026 को जारी कारण बताओ नोटिस और आरोपपत्र को चुनौती दी है।
वित्त विभाग का आरोप है कि उन्होंने विभागीय स्वीकृति के बिना कर्मचारियों को क्रमोन्नति का लाभ प्रदान किया। याचिका में कहा गया कि संबंधित कर्मचारियों को यह लाभ विभागीय पदोन्नति समिति की अनुशंसा और सामान्य प्रशासन विभाग के प्रावधानों के तहत दिया गया था। साथ ही इस संबंध में हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन को लेकर अवमानना कार्यवाही भी लंबित थी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अनिरुद्ध पांडे ने पक्ष रखा।
