भोपाल:झीलों की नगरी भोपाल अब सिर्फ अपनी संस्कृति और इतिहास के लिए नहीं, बल्कि आतंकी मामलों में सामने आ रहे कनेक्शनों को लेकर भी चर्चा में है। भोपाल केंद्रीय जेल में 71 आतंकी मामलों के आरोपी बंद हैं, जिनमें SIMI, ISIS, PFI, JMB, हिज्ब उत तहरीर और सूफा जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े आरोपी शामिल बताए गए हैं।
हाल ही में भोपाल से हुई गिरफ्तारी के बाद MP ATS, NIA और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मामला केवल कुछ लोगों तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा डिजिटल और संपर्क आधारित नेटवर्क सक्रिय था। इसके लिए मोबाइल डेटा, ऑनलाइन गतिविधियां, वित्तीय लेन-देन और संदिग्ध संपर्कों की जांच की जा रही है।
जांच के तार मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश के देवबंद, राजस्थान और बिहार तक पहुंच रहे हैं। डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट और पूछताछ पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर क्यों भोपाल बार-बार ऐसे मामलों में सामने आ रहा है? क्या यह सिर्फ एक ठिकाना है या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की साजिश है? इसी सवाल के जवाब तलाश रही हैं देश की जांच एजेंसियां।
