विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) , 20 जून (वार्ता) योग गुरु बाबा रामदेव ने भारत की प्राचीन योग, ध्यान और प्राणायाम की पद्धति को धर्म और पंथ की सीमाओं से ऊपर बताते हुए शनिवार को यहां कहा कि आज के वैश्विक भू-राजनीतिक संकट में मुख्य-पात्र की भूमिका में चर्चित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आदि नेताओं को योग साधना करने की जरूरत है।
दशकों से योग को लोगों के दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने के अभियान में जुड़े योग गुरु ने विश्व में जगह -जगह चल रहे युद्धों की ओर संकेत करते हुए कहा, “दुनिया में युद्ध नहीं , योग ही समाधान है।” उन्होंने कहा , ” श्री ट्रम्प , यूक्रेन को राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की , रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के वर्तमान सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इन सभी को योग की जरूरत है।” बाबा रामदेव 12वें विश्व योग दिवस की पूर्व संध्या पर विजयवाडा शहर के बाहरी इलाके में ‘मंथन सत्यनारायण राजू आश्रम’ में प्रात: एक योग शिविर को संबोधित कर रहे थे।
बाबा रामदेव रविवार को आंध प्रदेश में योग दिवस पर यहां आयोजित किये जा रहे मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ भाग लेंगे। मनुष्य की दीर्घायु का स्रोत माने जाने वाले योग पर आज के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि दुनिया योग को अपना ले तो समस्या ही न रहे। उन्होंने कहा, “योग , जाति पंथ से ऊपर है । यह मानव स्वास्थ्य का विषय है। अनुशासित जीवन ही योग है। विश्व को योगमय बनाने, योगधर्म को युगधर्म बनाने का प्रयास हो। योग की आदत लग जाएगी तो सभी बुरी आदतें और वृत्तियां अपने आप छूट जएंगी।”
बाबा रामदेव के नाम से चर्चित योग गुरु ने कहा कि मीडिया को भी योग को प्रोत्साहित करने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। मीडिया के हर मंच पर योग का जलवा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के लोग शारीरिक , मानसिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत होंगे तो देश पुन: अपना गौरव प्राप्त करेगा।
योग गुरु ने कहा कि वैचारिक गुलामी ने भारत को कमजोर किया है और कभी विश्व अर्थव्यवस्था में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले भारत का हिस्सा तीन प्रतिशत रह गया है। शिक्षा, चिकित्सा और शासन , हर क्षेत्र में वैचारिक गुलामी को समाप्त करने की आवश्यकता है।
उन्होंने योगदिवस को संस्कृति कौर आध्यत्मिक पर्व बताते हुए कहा कि हमें इसके अनुसार चलना है। उन्होंने योगदिवस का विरोध करने वालों को प्रकृति और सनातन संस्कृति का विरोधी बताया और कहा कि वास्तव में ‘ ऐसी ताकतें भारत विरोधी हैं।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस प्रतिवर्ष 21 जून को मनाया जाता है । यह तिथि उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का सबसे लम्बा दिन होता है और मनुष्य को दीर्घायु बनाने में योग के योग दान के अनुरूप है। भारत के प्रस्ताव पर 11 दिसम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र के 177 सदस्यों द्वारा 21 जून को ‘आंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। इस प्रस्ताव को 90 दिन के अन्दर पूर्ण बहुमत से पारित किया गया, जो किसी प्रस्तावित दिवस को संयुक्त राष्ट्र संघ में पारित करने के लिए सबसे कम समय है।
विश्व योग दिवस पर इस बार देश में मुख्य समारोह कोलकाता में आयोजित किया गया है जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों के साथ योगाभ्यास और प्रणाम करेंग।
