
इंदौर। इंदौर शहर की वर्षों पुरानी यातायात एवं रेलवे स्टेशन क्षेत्र की बॉटलनेक समस्या के स्थायी समाधान हेतु सांसद शंकर लालवानी ने अपने कार्यालय में रेलवे अधिकारियों के साथ शास्त्री ब्रिज के पुनर्निर्माण से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत समीक्षा बैठक की।बैठक में रेलवे अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 1953 में निर्मित शास्त्री ब्रिज इंदौर शहर के पूर्वी एवं पश्चिमी भागों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण संपर्क कड़ी है। लगभग 75 वर्षों से अधिक समय से उपयोग में आ रहे इस पुल पर वर्तमान में भारी यातायात का दबाव है तथा इसकी संरचनात्मक आयु को देखते हुए इसके पुनर्निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
अधिकारियों ने प्रस्तावित परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान पुल के स्थान पर 60 मीटर लंबे आधुनिक कैमल बैक ओपन वेब गर्डर आधारित रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत 6 लेन का द्विय मार्गी तथा पैदल यात्रियों की सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवाजाही के लिए 6 मीटर चौड़ा स्काईवॉक भी बनाया जाएगा।
बैठक में यह भी बताया गया कि शास्त्री ब्रिज का पुनर्निर्माण केवल एक सड़क ब्रीज़ नहीं, बल्कि इंदौर रेलवे स्टेशन के भविष्य के विस्तार एवं आधुनिकीकरण की आधारशिला है। वर्तमान में रेलवे स्टेशन क्षेत्र में ट्रैक एवं प्लेटफॉर्म सीमित स्पैन और तीव्र मोड़ों के कारण परिचालन संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। नए ब्रिज के निर्माण के पश्चात लगभग 100 मीटर रेलवे ट्रैक एवं प्लेटफॉर्म क्षेत्र का पुनर्संरेखन (री-अलाइनमेंट) किया जाएगा, जिससे वर्तमान तीव्र मोड़ों को समाप्त कर ट्रेनों के संचालन को अधिक सुरक्षित, सुगम एवं दक्ष बनाया जा सकेगा।
परियोजना के पूर्ण होने के बाद रेलवे यार्ड रीमॉडलिंग का कार्य भी किया जाएगा, जिससे अतिरिक्त रेलवे लाइन विकसित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे रेलवे संचालन की क्षमता, लचीलापन एवं यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
जिससे शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।
सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि यह परियोजना इंदौर के सड़क एवं रेल परिवहन तंत्र को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इंदौर के विकास के लिए निरंतर सहयोग प्रदान करने हेतु माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी का हृदय से आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, व्यापारिक संगठनों एवं प्रबुद्ध नागरिकों के साथ व्यापक संवाद एवं समन्वय स्थापित कर इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को गति प्रदान की जाएगी, ताकि इंदौर को सुरक्षित, सुगम एवं आधुनिक अधोसंरचना उपलब्ध कराई जा सके।
