
सिंगरौली। नपानि सिंगरौली के सभागार में आज दिन शुक्रवार को सभापति देवेश पाण्डेय के अध्यक्षता में एवं आयुक्त डीके शर्मा व प्रभारी महापौर खुर्शीद आलम तथा उपायुक्त आरपी बैस के विशेष उपस्थिति में आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 सत्र की बजट को लेकर बैठक आयोजित की गई। भोजनावकाश तक हंगामा चलता रहा। दोपहर बाद बजट पर चर्चा शुरू हुई।
जिला मुख्यालय बैढ़न के अम्बेडकर चौक समीप स्थित जर्जर व्यावसायिक प्लाजा को लेकर प्रभारी महापौर को पार्षदों ने घेर लिया और कहा कि व्यापारियों के लिए यह ज्वलंत समस्या है। परिषद की बैठक में इसी क्यों नही शामिल किया गया। भाजपा-कांग्रेस के सभी एक स्वर से प्रभारी महापौर खुर्शीद आलम से जवाब मांगने लगे। अध्यक्ष ने कहा कि व्यापारियों के लिए यह गंभीर मुद्दा है। इसके लिए शीघ्र ही अलग से बैठक बुलाकर किसी ठोस नतीजे पर पहुंचना है। यह बैठक शीघ्र ही बुलाई जाएगी।
आज बैठक शुरू होते ही विभिन्न मुद्दों को लेकर हंगामा शुरू हो गया। सबसे पहले सेवानिवृत्त कार्यपालन यंत्री का अचानक सभी सुविधाएं वापस लिये जाने पर पार्षद परमेश्वर पटेल सवाल दागने लगे। वहीं ननि अध्यक्ष देवेश पाण्डेय ने हस्तक्षेप करते हुये आयुक्त से जवाब मांगा, इसके बाद मामला शांत हुआ। साथ ही कार्यपालन यंत्री व सहायक यांत्रियों के प्रभार को लेकर गहमी-गहमा शुरू हुआ। अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि डीपीसी का गठन हो और विधि संगत कार्रवाई करें। अध्यक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि एमआईसी में जो निर्णय होता है, उसकी जानकारी व प्रति अध्यक्ष एवं परिषद को नही दी जाती। आयुक्त ने भरोसा दिया है कि इसका शत-प्रतिशत पालन किया जाएगा। पार्षद कमलेश कुमार वर्मा ने ननि से नस्तियों के गायब होने का मुद्दा उठाते हुये खुब शोर-शराबा किया। उठाया । जिसका समर्थन कई पार्षदों ने किया।
एमआईसी व मेयर ने बजट में किया कटौती, हुआ हंगामा
वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में करीब 137 करोड़ रूपये कटौती किये जाने को लेकर भाजपा-कांगे्रस के पार्षद हंगामा करते हुये प्रभारी मेयर व आयुक्त से जवाब मांगने लगे। इस दौरान वित्त लेखा अधिकारी सत्यम मिश्रा ने परिषद में बताया कि एमआईसी एवं मेयर के द्वारा बजट में कटौती की गई है। इतना सुनते ही प्रभारी मेयर को घेरते हुये नारेबाजी शुरू कर दी है। अंत में प्रभारी मेयर ने जवाब देने में असमर्थता जाहिर करते हुये कहा कि इसका जवाब अधिकारी देंगे। प्रभारी मेयर के उक्त बात को मिनिट्स में लाया गया। वही पार्षद अखिलेश सिंह ने मेयर को सवालो में घेरते हुये एक-एक प्रश्रों का जवाब मांगा है। लेकिन संतुष्ट भरा जवाब नही मिला। अंतत: बैठक सोमवार के लिए स्थगित कर दी गई।
