नयी दिल्ली, 19 जून (वार्ता) मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कहीं-कहीं ओलावृष्टि तथा राजस्थान में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग की शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में रविवार को कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश (21 सेंटीमीटर या उससे अधिक) हो सकती है। विभाग के अनुसार, मानसून के 23 जून के आसपास महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में दस्तक देने के आसार हैं। वर्तमान में मॉनसून की उत्तरी सीमा हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। इसके अतिरिक्त, कोंकण और गोवा में 22 से 25 जून के बीच तथा तटीय कर्नाटक और केरल में भी अगले कुछ दिनों में व्यापक बारिश की चेतावनी दी गयी है।
विभाग के मुताबिक देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप अभी जारी रहेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 जून तक लू चलने का प्रबल अनुमान है। बिहार में 22 जून तक तथा तेलंगाना और महाराष्ट्र के विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र जैसे क्षेत्रों में 20 जून तक लू की स्थिति बनी रहेगी। इस दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, झारखंड और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहेगा।
पिछले 24 घंटों के दौरान देश का सबसे अधिक तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस उत्तर प्रदेश के बांदा में दर्ज किया गया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर के क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 39-40 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। यहां 19 और 20 जून को आंशिक रूप से बादल छाए रहने, दोपहर या शाम को गरज-चमक और धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश होने के आसार हैं। दिल्ली में इस सप्ताहांत तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
इस बीच, खराब मौसम और तेज हवाओं के मद्देनजर मछुआरों को 19 से 24 जून के बीच बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के तटीय क्षेत्रों में न जाने की सख्त सलाह दी गयी है। किसानों के लिए जारी विशेष कृषि परामर्श के तहत पहाड़ी राज्यों में फलों के बागानों को ओलों से बचाने के लिए हेलनेट का उपयोग करने को कहा गया है। पूर्वोत्तर राज्यों और केरल में भारी बारिश के कारण खेतों में जलभराव रोकने के लिए उचित जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है, जबकि उत्तर प्रदेश, तेलंगाना तथा ओडिशा जैसे उच्च तापमान वाले क्षेत्रों में फसलों को बचाने के लिए हल्की सिंचाई और शेड नेट का उपयोग करने को कहा गया है।

