शिकागो, 19 जून (वार्ता) अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने यहां ‘ओबामा प्रेसिडेंशियल सेंटर’ के उद्घाटन समारोह के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर परोक्ष रूप से निशाना साधा।
इतिहास का जिक्र करते हुए श्री ओबामा ने गुरुवार को ‘कोई राजा या शासक नहीं, कोई दास या प्रजा नहीं’ के अमेरिकी आदर्श पर जोर दिया। यह बयान हाल के महीनों में देश भर में हुए ‘नो किंग’ (राजा नहीं चाहिए) विरोध प्रदर्शनों और रैलियों की गूंज को दर्शाता है।
श्री ओबामा ने मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस के निवासियों की प्रशंसा करते हुए श्री ट्रंप की प्रवासन (इमिग्रेशन) नीति पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वहां के लोगों ने ‘अपनी सुरक्षा को जोखिम में डालते हुए कड़ाके की ठंड का सामना किया और अपने पड़ोसियों तथा अजनबियों की मदद के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे, क्योंकि वे जानते थे कि ऐसा करना ही सही है।’
पूर्व राष्ट्रपति ने उम्मीद जतायी कि यह नया केंद्र यह साबित करेगा कि ‘हमारा लोकतंत्र वास्तव में कितना मूल्यवान है।’ श्री ओबामा पहली बार 1985 में 23 वर्ष की आयु में एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में शिकागो आए थे। उन्होंने अपने भाषण में याद किया कि कैसे इसी केंद्र के पास उन्होंने पत्नी से मुलाकात की और अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की।
शिकागो के दक्षिणी हिस्से में पली-बढ़ी और अपने शुरुआती करियर की शुरुआत करने वाली श्रीमती मिशेल ओबामा ने भी समारोह को संबोधित किया। उन्होंने अपने पति के आशावाद, बुद्धिमत्ता, कार्यशैली, नैतिक साहस और उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘किसी को भी, मेरा मतलब है किसी को भी, यह तय करने का अधिकार नहीं है कि कौन कितना अमेरिकी है।’
इस समारोह में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, जॉर्ज डब्ल्यू बुश, जो बाइडेन और उनकी शीर्ष नेताओं की पत्नियां शामिल हुईं, जिसमें हजारों लोग मौजूद थे। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, श्री ट्रंप को इस कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया था। यह केंद्र शुक्रवार से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
