भाजपा ने भीतरघात करने वाले विधायकों की पहचान की, विजेंद्र ने सख्त कार्रवाई के संकेत दिए

बेंगलुरु, 19 जून (वार्ता) कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के नतीजों में भीतरघात से स्तब्ध भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष विजेंद्र येदियुरप्पा ने दावा किया है कि पार्टी ने इसमें शामिल विधायकों की पहचान कर ली है और अब इन लोगों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

श्री विजेंद्र का यह बयान विधान परिषद चुनाव के बाद भाजपा नेतृत्व की ओर से आंतरिक मतभेदों को लेकर एक बड़ा बयान है। इस चुनाव में भाजपा और जनता दल (एस) के गठबंधन की संयुक्त ताकत होने के बावजूद भाजपा केवल दो सीटें जीत सकी। उसकी सहयोगी पार्टी जद (एस) का तो खाता भी नहीं खुल सका। विपक्ष के इस बिखराव का सबसे बड़ा फायदा सत्ताधारी कांग्रेस को मिला, जिसने सात में से पांच सीटों पर जीत हासिल की और अनुमान से अधिक वोट पाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली।

श्री विजेंद्र के अनुसार, पार्टी को संकेत मिला है कि भाजपा और जनता दल (एस), दोनों दलों के विधायकों ने दूसरे दल के पक्ष में मतदान किया है। उन्होंने दावा किया कि विधायकों के नामों की पहचान कर ली गयी है और अनुशासन की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि इन विधायकों पर कार्रवाई को लेकर केंद्रीय नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श चल रहा है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि नेतृत्व औपचारिक चेतावनी से लेकर सख्त कार्रवाई तक के विकल्पों पर विचार कर रहा है, जो इस बात पर निर्भर करेगा कि नियमों का कितना उल्लंघन हुआ है और उसका क्या राजनीतिक प्रभाव पड़ा है।

इस घटनाक्रम ने विपक्षी खेमे के भीतर राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है, जो पहले से ही तालमेल और आंतरिक एकता के सवालों से जूझ रहा है। विधान परिषद चुनाव के नतीजों को न केवल सीटों के नुकसान के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि आगामी चुनावों से पहले भाजपा और जनता दल (एस) गठबंधन के लिए एक चेतावनी के रूप में भी देखा जा रहा है।

एक तरफ जहां भाजपा आंतरिक कार्रवाई की तैयारी कर रही है, वहीं इन नतीजों ने गठबंधन में आयी दरारों को भी उजागर कर दिया है। माना जा रहा है कि गुप्त मतदान प्रणाली के कारण विधायकों को स्वतंत्र रूप से वोट करने का अवसर मिला, जिससे वह असंतोष सामने आ गया जो आम तौर पर पार्टी के निर्देशों के कारण दिखायी नहीं देता था।

जनता दल (एस) के नेता और केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने स्वीकार किया कि उनकी पार्टी के कुछ विधायकों ने दूसरे दल के पक्ष में मतदान किया, हालांकि उन्होंने भाजपा के बड़े अनुमानों से असहमति जताई। उन्होंने कहा कि पार्टी असंतुष्ट सदस्यों से अवगत है और उन्होंने सुझाव दिया कि जो लोग संगठन के भीतर नहीं रहना चाहते, वे बाहर जाने पर विचार कर सकते हैं।

 

 

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