मुंबई | शिवसेना (उद्धव गुट) में टूट की अटकलों के बीच संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के सभी सांसद उद्धव ठाकरे के साथ हैं और कहीं नहीं जा रहे हैं। राउत ने कहा कि सांसदों ने कसम खाई है कि शिवसेना उनकी मां है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई सांसद पार्टी छोड़ना चाहता है, तो उसे पहले इस्तीफा देना होगा।
‘ऑपरेशन टाइगर’ और खरीद-फरोख्त के आरोप
संजय राउत ने गंभीर आरोप लगाते हुए इसे ‘ऑपरेशन टाइगर’ करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि मंगलवार रात को पार्टी सांसदों को प्रलोभन देने के लिए 15-15 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। सोशल मीडिया पर भी उन्होंने इस पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि ‘अपना सपना मनी-मनी’। हालांकि, जिन सांसदों के पाला बदलने की चर्चा थी, उन्होंने आज इन अटकलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
पार्टी में बढ़ती सियासी रस्साकशी
उद्धव गुट की बैठक में कम सांसदों के पहुंचने के बाद से ही पार्टी में टूट की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया था। दलबदल कानून के तहत किसी भी गुट को अलग होने के लिए संख्या बल की आवश्यकता होती है। बहरहाल, पार्टी नेतृत्व अपनी एकता का प्रदर्शन करने में जुटा है और राउत ने दोटूक शब्दों में कहा है कि जनता दल-बदल करने वाले नेताओं को कभी माफ नहीं करेगी।

