दुश्मनों को नेस्तनाबूत करने बढ़ेगी सेना की ताकत, दो प्रोजेक्ट पर चल रहा काम

जबलपुर: ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश की हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नए प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है। जिसके तहत डिफेंस सिस्टम में दुश्मनों के ड्रोन और हवाई जहाजों को मार गिराने की अचूक क्षमता के साथ सेना की ताकत बढ़ेगी। इस प्रोजेक्ट के तहत दो महाविनाशक हथियारों पर काम चल है। सूत्रों के मुताबिक जिन गनों पर तेजी से काम चल रहा है उसमें व्हीकल माउंटेड गन, एयर ड्रोन डिफेंस गन शामिल है । व्हीकल माउंटेड गन ने अपना आकार लेना शुरू कर दिया है।

एयर ड्रोन डिफेंस गन ड्रोन्स, हवाई हमलों के खतरे से निपटने के लिए बनाई जा रही यह स्पेशल गन पर भी काम तेजी से चल रहा है। आधुनिक गनों के मिलने के बाद सेना दुश्मनों के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने के साथ ड्रोन और लड़ाकू विमानों को ढेर कर अपनी लोकेशन बदल सकती है। आधुनिक गन 1 मिनट में 600 राउंड फायर, करने के साथ 37 किमी तक गोले दाग सकती है। हालांकि अचूक क्षमता रखने वाली गन का काम पूरी तरह तैयार होने में थोड़ा वक्त लगेगा।

सूत्र बताते है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद इन प्रोजेक्ट पर काम की जरूरत महसूस हुई थी। जिसके चलते आधुनिक युद्ध में ड्रोन्स के बढ़ते खतरों को देखते हुए इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता दी जा रही है। सेना के लिए बन रहा नया एयर डिफेंस सिस्टम जब तैयार होगा तो ये ड्रोन और लड़ाकू विमानों के लिए काल बनेगा। गन कैरिज फैक्ट्री में ऑपरेशन सिंदूर के बाद आवश्यकताओं को देखते हुए दुश्मनों के ठिकानों, ड्रोन और हवाई हमलों को नेस्तनाबूद कर दोनों प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर ने बदली रणनीति-
सूत्रों के मुताबिक मई 2025 में हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष (ऑपरेशन सिंदूर) के बाद देश की सुरक्षा आवश्यकताओं को देखते हुए देश की सुरक्षा, ताकत और बढ़ाई जा रही है। युद्ध के बदलते तौर-तरीकों, खासकर ड्रोन और हवाई हमलों के बढ़ते खतरों को देखते हुए ही व्हीकल माउंटेड, एयर ड्रोन डिफेंस गन की जरूरत काफी ज्यादा महसूस की जा रही है। जिसके चलते दो बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है।
व्हीकल माउंटेड गन की विशेषताएं
गोला-बारूद लोड करने की प्रक्रिया ऑटोमैटिक।
एक गोला 37 किमी तक दागा जा सकता है। बहुत ही कम समय में कई गोले दागते है।
1 मिनट में 600 राउंड फायर करने की क्षमता। भारतीय सेना का मुख्य रक्षा कवच बनेंगे। एयर ड्रोन डिफेंस गन
अपनी लोकेशन बदल सकती है।फायर के तुरंत बाद आसानी से ठिकाना बदला जा सकता है।
दुश्मन के जवाबी हमले से सुरक्षा। हवा में ही ड्रोन के परखच्चे उड़ा सकती हैं। दुश्मनों के ड्रोन और लड़ाकू विमानों को हवा में ही नेस्तनाबूत करने की क्षमता होगी

Next Post

5000 मीटर रेस में संजीवनी जाधव ने हरमिलन बैंस को हराया

Tue Jun 16 , 2026
कोलकाता, (वार्ता) सोमवार को कोलकाता में हुई इंडियन एथलेटिक्स सीरीज़ 2026 में, 1500 मीटर में पूर्व नेशनल रिकॉर्ड होल्डर हरमिलन बैंस, एशियन चैंपियनशिप की ब्रॉन्ज़ मेडलिस्ट संजीवनी जाधव के बाद 5000 मीटर में दूसरे स्थान पर रहीं। अपने करियर में पहली बार 5000 मीटर की दूरी पर दौड़ते हुए, हरमिलन […]

You May Like