कैंची धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा के दर्शन

नैनीताल, 15 जून (वार्ता) उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम के स्थापना दिवस के मौके पर सोमवार को आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा। एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा नीम करौरी महाराज के दर्शन किए।

दिनभर रुक-रुक कर हुई बारिश भी श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं कर पाई और देर शाम तक मंदिर परिसर के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। सुबह पांच बजे कपाट खुलने से पहले हजारों भक्त दूर दूर से कैंची धाम में पंक्तिबद्ध नजर आये। यह सिलसिला देर शाम तक नजर आया।

देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं में अमेरिका के मैक्स विलियम्स भी शामिल रहे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में बाबा नीम करौली महाराज के बारे में जानने के बाद उनके मन में कैंची धाम आने की इच्छा जगी थी। पहली बार धाम पहुंचने पर उन्हें आध्यात्मिक शांति की अनुभूति हुई। मैक्स ने कहा कि यहां पहुंचकर ऐसा लगा मानो स्वयं बाबा ने उन्हें अपने वापस बुलाया हो। उन्होंने पुलिस और प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की भी सराहना की।

देश के सुदूर क्षेत्रों से श्रद्धालु यहां पहुंचे। पंजाब के पटियाला से आए श्रद्धालुओं ने भी कैंची धाम में सुगम दर्शन व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारी भीड़ के बावजूद उन्हें कम समय में दर्शन का अवसर मिला। महाराष्ट्र से पहुंचीं श्रद्धालु ऋषा सालवे ने भी पुलिस, प्रशासन और स्वयंसेवकों की व्यवस्थाओं को सराहा।

स्थापना दिवस मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के नेतृत्व में व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन व्यवस्था लागू की गई। हल्द्वानी से लेकर कैंची धाम और नैनीताल क्षेत्र तक पूरे मार्ग को विभिन्न जोनों में विभाजित कर निगरानी रखी गई। पुलिस अधीक्षक संचार रेवाधर मठपाल के निर्देशन में ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रखी गई।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भवाली, भीमताल, गरमपानी, नैनीताल और हल्द्वानी सहित विभिन्न स्थानों से लगातार शटल सेवाएं संचालित की गईं। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया तथा पार्किंग स्थलों से चरणबद्ध तरीके से श्रद्धालुओं को कैंची धाम तक पहुंचाया गया।

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) को भी सक्रिय रखा गया। मंदिर परिसर, पार्किंग क्षेत्रों और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर लगातार एंटी-सैबोटाज चेकिंग अभियान चलाया गया। मुख्य प्रवेश द्वार पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर के माध्यम से जांच की गई।

भारी बारिश के बावजूद पुलिस, प्रशासन और स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सेवा में लगातार जुटे रहे। वृद्धजनों, महिलाओं, दिव्यांगों और असहाय श्रद्धालुओं को विशेष सहायता उपलब्ध कराई गई। श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं को व्यवस्थित, सुरक्षित और संतोषजनक बताते हुए नैनीताल प्रशासन और पुलिस के प्रयासों की सराहना की।

 

 

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