मुंबई, 15 जून (वार्ता) वस्तु व्यापार घाटा बढ़ने के बावजूद इस साल अप्रैल में देश ने चालू खाते में 4.7 अरब डॉलर का आधिक्य दर्ज किया।
इसका मतलब यह है कि चालू खाते में आमद ज्यादा रही।
रिजर्व बैंक द्वारा सोमवार को जारी आंकड़े के अनुसार, सेवाओं का निर्यात ज्यादा तेजी से बढ़ने और विदेश से भेजे गये मनीऑर्डर ंबढ़ने के कारण चालू घाटे में आधिक्य की स्थिति उत्पन्न हुई है। पिछले साल अप्रैल में चालू खाते में 4.8 अरब डॉलर का घाटा दर्ज किया गया था।
इस साल अप्रैल में वस्तु व्यापार में 27.9 अरब डॉलर का घाटा हुआ। एक साल पहले इस मद में 27.1 अरब डॉलर का घाटा हुआ था। निर्यात 38.7 अरब डॉलर से बढ़कर 44.6 अरब डॉलर पर और आयात 65.8 अरब डॉलर से बढ़कर 72.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
सेवाओं के आयात-निर्यात में भारत को 18.6 अरब डॉलर का लाभ हुआ है। पिछले साल अप्रैल में यह 15.9 अरब डॉलर रहा था। सेवा निर्यात एक साल पहले के 32.8 अरब डॉलर से बढ़कर 37 अरब डॉलर पर और आयात 16.9 अरब डॉलर से बढ़कर 18.4 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
शुद्ध हस्तांतरण, जिसमें प्रवासी भारतीयों द्वारा विदेश से भेजा गया मनीऑर्डर भी शामिल है, 9.4 अरब डॉलर से बढ़कर 16 अरब डॉलर हो गया।
पूंजी खाते में अप्रैल में 11.3 अरब डॉलर का घाटा दर्ज किया गया है। पिछले साल अप्रैल में इसमें 5.3 अरब डॉलर का लाभ हुआ था। इसमें प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, विदेशी पोर्टफोलियो निवेश, विदेशी वाणिज्यिक उधारी, भारत को दिये गये अल्पावधि ऋण और प्रवासी भारतीयों द्वारा भारतीय बैंकों में जमा पैसा भी शामिल है।
भारत में आने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में 7.4 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गयी। पिछले साल अप्रैल में इसमें 1.6 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी।
देश में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश में अप्रैल में 8.3 अरब डॉलर की गिरावट आयी है। पिछले साल इसमें 1.8 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गयी थी।
