
ग्वालियर। सोमवती अमावस्या के साथ ही अधिक मास का समापन हो गया। सोमवती अमावस्या आज दुर्लभ अमृत सिद्धि योग में मनाई गई । यह योग बहुत शुभ माना जाता है। इस पावन संयोग में देव, ऋषि और पितरों के लिए तर्पण, तीर्थ श्राद्ध और पितृ श्राद्ध करने से कई गुना पुण्य फल मिलता है। सोमवती अमावस्या के साथ ही अधिक मास खत्म हो गया और अब शादियों का सीजन शुरू हो जाएगा। पहला विवाह मुहूर्त 19 जून को है। अधिक मास के कारण इस साल रक्षाबंधन, दशहरा और दीपावली आदि प्रमुख पर्व अपने तय समय से करीब 20 दिन आगे बढ़ गए हैं।
