उद्योग, निवेश और जनभागीदारी से बिहार बनेगा समृद्ध राज्य : सम्राट चौधरी

पटना, 13 जून (वार्ता) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को कहा कि उद्योग, निवेश और जनभागीदारी राज्य के विकास की नई उड़ान के प्रमुख आधार बनेंगे।श्री चौधरी ने यहां जी बिजनेस द्वारा आयोजित ‘भरोसे के च्वाइस पटना एडिशन’ के 11वें संस्करण का उद्घाटन करते हुए कहा कि बिहार को अपने गौरवशाली अतीत को पुनः प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि भारत तभी पूर्ण रूप से विकसित होगा, जब बिहार समृद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 6 लाख 25 हजार एकड़ भूमि पर 12 नई टाउनशिप विकसित की जा रही हैं, जिनमें लगभग 6.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। इन टाउनशिप में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और औद्योगिक पार्क भी विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की भूमि अधिग्रहित होगी, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा।

श्री चौधरी ने कहा कि बिहार से जुड़े उद्योगपति, व्यवसायी, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सचिव और वित्तीय विशेषज्ञ राज्य के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उनके सहयोग से बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया है। उन्होंने दावा किया कि अगले दो वर्षों में बिहार अपनी बिजली उत्पादन क्षमता को इतना बढ़ा लेगा कि भविष्य की जरूरतों को भी पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बिजली उपभोक्ताओं को प्रतिवर्ष 23 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रही है।

श्री चौधरी ने कहा कि उद्योगों और स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत नई व्यवस्था लागू की है। अब उद्योग या स्टार्टअप स्थापित करने के लिए आवेदन करने पर 30 दिनों के भीतर आवश्यक स्वीकृतियां प्रदान की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक जवाबदेही का उल्लेख करते हुए कहा कि सहयोग शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निस्तारण के लिए सख्त व्यवस्था बनाई गई है। यदि किसी आवेदन का 30 दिनों के भीतर निपटारा नहीं होता है, तो संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध स्वतः कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा रही है। साथ ही सड़क, एक्सप्रेस-वे और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकारी अधिकारियों और कर्मियों के बिहार भ्रमण की व्यवस्था लागू की है, जिससे वे राज्य की सांस्कृतिक विरासत को नजदीक से जान सकें। उन्होंने कहा कि बिहार की समृद्धि तभी संभव है, जब हम अपनी विरासत को समझें।

पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए श्री चौधरी ने कहा कि वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व, राजगीर, भीमबांध, मुंगेर का योगाश्रम, भागलपुर स्थित विक्रमशिला विश्वविद्यालय, सीतामढ़ी का पुनौरा धाम, गया का विष्णुपद मंदिर तथा अन्य ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के लोगों ने लंबे समय तक विकास की प्रतीक्षा की है। अब राज्य को समृद्ध और विकसित बनाने के लिए सभी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करना होगा।

कार्यक्रम में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, जी बिजनेस के प्रबंध संपादक अनिल सिंघवी, च्वाइस इंटरनेशनल लिमिटेड के प्रबंध निदेशक कमल पोद्दार तथा बड़ी संख्या में उद्योग जगत से जुड़े लोग उपस्थित थे।

 

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