नई दिल्ली | अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बड़ी राहत की खबर है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ के खुलने की उम्मीद के साथ ही लगभग 40 वेरी लार्ज क्रूड कैरियर्स (VLCCs) अलर्ट मोड पर हैं। इन सुपरटैंकरों में कुल 8 करोड़ बैरल कच्चा तेल लदा है, जो मार्ग खुलते ही एशियाई बाजारों की ओर रवाना होने के लिए तैयार है।
एशियाई बाजारों में बढ़ेगी तेल की आपूर्ति
ताजा शिपिंग डेटा के अनुसार, कई सुपरटैंकर पहले ही चीन, मलेशिया और सिंगापुर जैसे प्रमुख बाजारों की ओर बढ़ चुके हैं। संघर्ष के कारण पिछले दिनों आपूर्ति बाधित होने से एशियाई देशों को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। अब होर्मुज से व्यापारिक यातायात के धीरे-धीरे पटरी पर लौटने से क्षेत्र में कच्चे तेल की उपलब्धता में भारी बढ़ोतरी होगी, जिससे मांग और आपूर्ति का असंतुलन दूर होगा।
ईरान के कड़े नियम और बाजार पर प्रभाव
हालांकि मार्ग खुल रहा है, लेकिन ईरान ने जहाजों के लिए 48 घंटे पहले पंजीकरण और विशेष बीमा जैसे कड़े नियम अनिवार्य कर दिए हैं। इस समझौते का असर कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर भी पड़ा है, जो गिरकर लगभग 75 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतों में यह गिरावट आने वाले समय में वैश्विक महंगाई को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

