वाराणसी | पद्म श्री विजेता और प्रसिद्ध शूटिंग कोच जसपाल राणा का अंतिम संस्कार आज वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। उनके पार्थिव शरीर को देहरादून से विशेष चार्टर्ड विमान द्वारा वाराणसी लाया गया है। इस दुखद अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहेंगे और महान शूटर को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इससे पहले देहरादून में बड़ी संख्या में राजनीतिक हस्तियों और खिलाड़ियों ने उनके अंतिम दर्शन किए।
शूटिंग जगत का अपूरणीय नुकसान
49 वर्षीय जसपाल राणा का शुक्रवार को निधन हो गया, जिसने खेल जगत को स्तब्ध कर दिया है। एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर के गुरु के रूप में उनकी भूमिका को हमेशा याद रखा जाएगा। जसपाल राणा ने न केवल खुद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाया, बल्कि अपने मार्गदर्शन से निशानेबाजी में नई पीढ़ी को भी ओलंपिक पदकों के लिए तैयार किया।
एक गौरवशाली विरासत का सफर
सैनिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले जसपाल राणा को निशानेबाजी विरासत में मिली थी। उनके पिता नारायण सिंह राणा, जो कि सेना के पूर्व अधिकारी और उत्तराखंड के पहले खेल मंत्री थे, उनके पहले कोच रहे। 1994 से 2006 के बीच चार कॉमनवेल्थ गेम्स में 15 पदक जीतकर उन्होंने भारत को विश्व पटल पर पहचान दिलाई। उनकी खेल प्रतिभा और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।

