भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने संदेशों में एक ओर बच्चों के अधिकारों, शिक्षा और बालश्रम उन्मूलन को लेकर प्रदेशवासियों को जागरूक किया, वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रख्यात कथक आचार्य डॉ. पुरु दाधीच को संगीत नाटक अकादमी रत्न सम्मान मिलने पर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के माथे पर जिम्मेदारियों और श्रम का बोझ नहीं, बल्कि शिक्षा और खुशहाल बचपन उनका अधिकार होना चाहिए।
विश्व बालश्रम निषेध दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार बच्चों के हितों की रक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने समाज से भी इस दिशा में सहभागिता बढ़ाने का आह्वान किया।इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कथक नृत्य की ‘दाधीच शैली’ के प्रवर्तक एवं पद्म श्री सम्मान से अलंकृत डॉ. पुरु दाधीच को ‘संगीत नाटक अकादमी रत्न’ से सम्मानित किए जाने पर बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा को नई पहचान और ऊंचाइयां प्रदान की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान न केवल इंदौर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है और इससे प्रदेश की कला एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिली है।
