
सीहोर। जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) विंग में सोमवार देर रात मरीज के परिजनों और अस्पताल स्टाफ के बीच विवाद हो गया. दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की तथा मारपीट की नौबत आ गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति पर काबू किया.
जानकारी के अनुसार सोमवार को ग्राम सेमली के समीप एक सड़क हादसे में बोंदर बरखेड़ा के रहने वाले हरिनारायण उनकी पत्नी भूरी बाई और मासूम बालक विराट गंभीर घायल हो गए थे. विराट को जिला अस्पताल के आईसीयू में वेंटीलेटर पर रखा गया था. रात लगभग नौ बजे जब उसकी तबियत और बिगडऩे लगी तो डॉ. गौरव ताम्रकार ने विराट को भोपाल रेफर कर दिया ताकि वहां न्यूरोसर्जन को दिखाया जा सके. जैसे ही बच्चे को रेफर किए जाने की बात परिजनों को पता चली तो वह बिफर गए और पीआईसीयू में मौजूद डॉक्टर पर सही तरीके से उपचार न करने का आरोप लगाते हुए विवाद करने लगे. इस दौरान कुछ लोगों ने पीआईसीयू में भी घुसने का प्रयास किया. हालात बिगड़ते देख चिकित्सकों ने चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों को बुलाया. उन्होंने व अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों ने जब परिजनों की भीड़ को समझाने का प्रयास किया तो सुरक्षाकर्मियों से भी उनका विवाद हो गया. विवाद इतना बड़ गया कि उनके बीच झूमाझटकी शुरू हो गई. सूचना मिलने पर कोतवाली से भी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था. बाद में परिजन बच्चे को एंबुलेंस से भोपाल ले जाने को राजी हुए. परिजनों की मनोस्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन द्वारा उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई तो परिजनों ने भी शिकायत दर्ज कराने से इंकार कर दिया था. हालांकि इस घटना से देर रात तक जिला अस्पताल में अफरा तफरी का माहौल बना रहा था.
बच्चे को रेफर करना जरूरी था
सड़क हादसे में बच्चे के सिर में गंभीर चोट आई थी, इसलिए उसे न्यूरोसर्जन को दिखाने के लिए रेफर करना जरूरी था. परिजन विवाद कर रहे थे, लेकिन बाद में वह बच्चे को ले जाने को राजी हो गए. वेंटीलेटर सुविधा वाली एंबुलेंस से बच्चे को भोपाल भेजा गया है.
डॉ. यूके श्रीवास्तव,
सिविल सर्जन
