भविष्य की जरूरतों के मुताबिक बना रहे हैं अर्बन रोड इकोसिस्टम: रेखा गुप्ता

नयी दिल्ली, 08 जून (वार्ता) दिल्ली सरकार ने राजधानी की सड़कों को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ, पर्यावरण-अनुकूल और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए महत्वपूर्ण पहल के तहत सोमवार को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआरआरआई) और स्कूल ऑफ प्लानिंग ऐंड आर्किटेक्चर (एसपीए) के बीच ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार केवल नयी सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि हम ऐसा अर्बन रोड इकोसिस्टम विकसित कर रहे हैं जो पर्यावरण-अनुकूल, सुरक्षित और भविष्य की जरूरतों के मुताबिक हो। बढ़ते ट्रैफिक, वायु प्रदूषण और जलभराव जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अब सड़कों का रखरखाव पारंपरिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और डेटा-आधारित प्रणाली से किया जाएगा। बढ़ते शहरीकरण, ट्रैफिक लोड, वायु प्रदूषण और जलभराव जैसी चुनौतियों को देखते हुए अब सड़कों की योजना और रखरखाव को पारंपरिक दृष्टिकोण से नहीं बल्कि वैज्ञानिक एवं डेटा आधारित प्रणाली से संचालित करना समय की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार पहले से ही वॉल-टू-वॉल रोड कार्पेटिंग, डस्ट पॉल्यूशन कंट्रोल, मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग, वाटर स्प्रिंकलिंग सिस्टम और ग्रीन कॉरिडोर डेवलपमेंट जैसे अनेक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। यह नया समझौता इन सभी प्रयासों को वैज्ञानिक, व्यवस्थित और दीर्घकालिक ढांचा प्रदान करेगा, जिससे राजधानी में स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ सड़क अवसंरचना के विकास को और गति मिलेगी। दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल सड़कों का निर्माण या मरम्मत करना नहीं, बल्कि ऐसे स्मार्ट, सस्टेनेबल और क्लाइमेट-रेजिलिएंट अर्बन कॉरिडोर विकसित करना है, जो भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप हों। इस पहल से सड़कों की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ वायु प्रदूषण में कमी, सड़क सुरक्षा में वृद्धि, जलभराव की समस्या के समाधान और शहरी सौंदर्यीकरण को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली सरकार, सीएसआईआर-सीआरआरआई और एसपीए के बीच यह त्रिपक्षीय सहयोग राजधानी को आधुनिक, हरित और नागरिक-केंद्रित सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित करेगा।

इस अवसर पर दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि यह समझौता राजधानी की सड़क अवसंरचना को आधुनिक, वैज्ञानिक और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दिल्ली सरकार सड़कों के निर्माण और रखरखाव के लिए डेटा-आधारित और तकनीक-संचालित व्यवस्था विकसित कर रही है। सीएसआईआर-सीआरआरआई और स्कूल ऑफ प्लानिंग ऐंड आर्किटेक्चर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से दिल्ली में सड़क विकास, ग्रीनिंग, रोड सेफ्टी और धूल नियंत्रण के लिए एक मानकीकृत फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा।

पर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार सड़कों के किनारे स्थानीय एवं पर्यावरण-अनुकूल वृक्षों, झाड़ियों और घास के रोपण के माध्यम से डस्ट पॉल्यूशन को कम करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। राजधानी में मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग और सड़कों की नियमित सफाई को भी और अधिक वैज्ञानिक तरीके से किया जा रहा है। दिल्ली सरकार स्वच्छ, हरित और स्वस्थ दिल्ली के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यह पहल उसी संकल्प का प्रतिबिंब है, जिसके माध्यम से प्रत्येक नागरिक को बेहतर पर्यावरण, स्वच्छ वायु और अधिक सस्टेनेबल शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस एमओए के तहत दिल्ली में पहली बार व्यापक रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम (आरएएमएस) विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से राजधानी की सड़कों की वर्तमान स्थिति, उन पर पड़ने वाले यातायात के दबाव, उनकी संरचनात्मक क्षमता, मरम्मत की आवश्यकता और उनकी उपयोग अवधि का वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा। इससे आंकड़ों पर आधारित योजना निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और संभावित समस्याओं की पहले से पहचान कर समय रहते मरम्मत और रखरखाव सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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