भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के अंतिम दिन सोमवार को कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन और भाजपा प्रत्याशी महेश केवट अपना नामांकन दाखिल करेंगे। दोनों दलों ने इस चुनाव को प्रतिष्ठा का विषय बना लिया है और इसके चलते राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
भाजपा प्रत्याशी महेश केवट मछुआ समुदाय से आते हैं। राज्यसभा चुनाव की रणनीति को लेकर भाजपा के विधायक पिछले तीन दिनों से भोपाल में ही डटे हुए हैं। दूसरी ओर कांग्रेस भी पूरी सतर्कता के साथ चुनावी गणित साधने में जुटी है। भाजपा द्वारा तीसरे प्रत्याशी का नाम सामने लाए जाने के बाद कांग्रेस ने अपने कदम और अधिक सावधानी से बढ़ाने शुरू कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अपनी प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन की जीत सुनिश्चित करने के लिए विधायकों की एकजुटता बनाए रखने पर विशेष जोर दे रही है। पार्टी नेतृत्व विधायकों को संभावित खरीद-फरोख्त से बचाने के उद्देश्य से मतदान तक उन्हें कर्नाटक या तेलंगाना भेजने की योजना पर भी विचार कर रहा है।
इस बीच कांग्रेस की संभावित बाड़ाबंदी को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. हितेश बाजपेयी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कांग्रेस की इस रणनीति को लोकतंत्र की हत्या करार दिया है।
उधर, मीनाक्षी नटराजन के समर्थन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी भोपाल पहुंच रहे हैं। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद और तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बोम्मा महेश कुमार गौड़ नामांकन प्रक्रिया के दौरान मौजूद रहेंगे। उनके आगमन को कांग्रेस संगठनात्मक एकजुटता और शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रही है। राज्यसभा चुनाव को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है।
