नयी दिल्ली 05 जून (वार्ता) केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सीमाओं की निगरानी के लिए सरकार की ‘स्मार्ट बार्डर’ अवधारणा का कार्य अंतिम चरण में है और इसका पायलट प्रोजेक्ट जल्द ही शुरू किया जायेगा।
श्री शाह ने शुक्रवार को त्रिपुरा में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की लंकामूरा सीमा चौकी का निरीक्षण करने के बाद जवानों के साथ संवाद किया। उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अगरतला में वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत ‘अगर’ पौधे का रोपण किया।
सीमाओं पर अनेक प्रकार की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि जहां-जहां सीमा पर बीएसएफ और सशस्त्र सीमा बल तैनात हैं, वहां पर ‘स्मार्ट बॉर्डर’ का निर्माण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि चतुष्कोणीय सुरक्षा रणनीति के तहत, स्थानीय प्रशासन, प्रौद्योगिकी और जवानों के परिश्रम को साथ में लेते हुए सीमाओं को अभेद्य बनाने का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट बार्डर की अवधारणा पर चर्चा अंतिम चरण में हैं और इसका पायलट प्रोजेक्ट जल्द ही शुरू किया जायेगा। उन्होंने कहा ,” हम एक साथ देश की अलग-अलग सीमाओं पर सात या आठ स्थानों पर इस पायलट प्रोजेक्ट को शुरू करेंगे। पायलट प्रोजेक्ट में जो भी शुरूआती समस्याएं आएंगी उन्हें दूर कर पूरी सीमा को स्मार्ट बॉर्डर बनाने की दिशा में हम आगे बढ़ेंगे। इस कॉंसेप्ट में डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट, एसपी, गांव के पटवारी और सरपंच की भी भूमिका होगी। जब तक सीमावर्ती क्षेत्रों के स्थानीय प्रशासन को हम इस कॉन्सेप्ट में समाहित नहीं करते, तब तक हम सीमा को अभेद्य नहीं बना सकते। अगर हम आइसोलेशन में सीमा की सुरक्षा की कल्पना करते हैं वो कभी सफल नहीं हो सकती।”
श्री शाह ने कहा कि त्रिपुरा फ्रंटियर देश की सीमा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सीमा पर बाड़ के आधुनिकीकरण के लिए 15 वर्ष से पुरानी लगभग 650 किलोमीटर की बाड़ में से 119 किलोमीटर नई बाड़ को भी मंजूरी दी गयी है। उन्होंने कहा कि जवानों की सुविधाओं के लिए सीमा चौकियों में बिजली आपूर्ति, हरित ऊर्जा पहल, जवानों के लिए सुरक्षित पेयजल आदि परियोजनाओं का काम पूरा हो गया है।
उन्होंने कहा कि त्रिपुरा तीन ओर से सीमाओं से घिरा हुआ संवेदनशील राज्य है। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित बनाने के लिए सबसे पहले सुरक्षित बनाना होगा। उन्होंने कहा ,” हमें देश को स्मगलिंग, मानव तस्करी, देश के युवाओं को नशे, से सुरक्षित करना होगा। हर चीज के लिए सुरक्षा का उपाय हो, ऐसा स्मार्ट सुरक्षा ग्रिड बनाने का काम सरकार ने हाथ में लिया है।”
श्री शाह ने कहा कि बाड़ की सुरक्षा की पूरी अवधारणा और कार्य संस्कृति को बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा,” हमारे समाज को प्रभावित करने वाले हर दूषण से देश और सीमाओं की रक्षा करना हमारा दायित्व है। सीमा सुरक्षा की स्मार्ट फेंसिंग और चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड के कंसेप्ट को आने वाले दिनों में सीमा की सुरक्षा करने वाले हर केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल की कार्य संस्कृति बनाने की शुरुआत की गई है।”
केन्द्रीय गृह मंत्री ने पर्यावारण के संरक्षण में पुलिस बलों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2019 से लेकर आज तक सभी केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों ने लगभग 7.5 करोड़ से अधिक वृक्ष लगाये हैं। इस वर्ष भी 40 से 60 लाख वृक्ष लगाएंगे और लगाए हुए वृक्षों में से जो वृक्ष जीवित नहीं रह सके, उन सभी वृक्षों को दोबारा लगाने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष के लिए दो करोड़ वृक्ष लगाने का लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने बीएसएफ की 37वीं वाहिनी में जवानों के आवास का ई- लोकार्पण और 97वीं वाहिनी में क्वार्टर गार्ड परिसर का ई-शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सामीओं की रक्षा करने वाले जवानों की सुविधा बढ़ाने के लिए अनेक कदम उठाये हैं।
वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत आज एक दिन में केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों , असम राइफल्स, राष्ट्रीय सुरक्षा गारद , दिल्ली पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो , राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो , राष्ट्रीय जांच एजेंसी , पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो , राष्ट्रीय आपदा मोचन बल , राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और अंतर-राज्यीय परिषद सचिवालय सहित गृह मंत्रालय के सभी कार्यालयों ने देशभर में 5 लाख से अधिक पौधे लगाए।
इस अवसर पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, केन्द्रीय गृह सचिव, निदेशक, गुप्तचर ब्यूरो, सचिव, सीमा प्रबंधन और महानिदेशक, सीमा सुरक्षा बल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
